छत्तीसगढ़ के सुकमा में 16 लाख की इनामी दो नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 


सुकमा, 31 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में 8-8 लाख की इनामी दो नक्सलियों जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे और सोनी उर्फ माड़वी कोसी ने रक्षित आरक्षी केंद्र सुकमा में आज मंगलवार काे बस्तर आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी आनंद राजपुरोहित और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण सहित वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस ने इनके पास से जंगल में छिपाकर रखे गये 10 लाख नकद और इंसास, एलएमजी, एके 47, 303 जैसे राइफल बरामद किए हैं। ये नक्सल कैडर केकेबीएन डिवीजन (ओडिशा) में सक्रिय रहे हैं। सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और सघन सर्चिंग अभियान ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है । जंगलों में छिपाए गए हथियार और नगद रूपये अब उनके लिए सुरक्षा नहीं, बल्कि बोझ बन गए हैं। यही कारण है कि नक्सलियाें के लगातार आत्मसमर्पण की संख्या बढ़ रही है ।

सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि सुकमा में नक्सल संगठन अब लगभग समाप्त हो चुका है। आज सुकमा का नक्सल मुक्त होना केवल सुरक्षाबलों की जीत नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और सहयोग की जीत है। उन्हाेंने कहा कि 31 मार्च 2026 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो गया है। नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प की अंतिम तिथि पर सुकमा ने वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसका इंतजार वर्षों से था। ये सिर्फ एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन अनगिनत जिंदगियों की जीत है, जिन्होंने भय से निकलकर भरोसे की राह चुनी। जिला पुलिस सुकमा और सुरक्षाबलों के लगातार सर्चिंग अभियान, रणनीति और जनसहयोग ने मिलकर वह कर दिखाया, जो कभी असंभव माना जाता था।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे