मप्र के रतलाम में राजधानी एक्सप्रेस में सुबह लगी आग, 68 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, दिल्ली-मुंबई रेल यातायात प्रभावित
रतलाम (मध्य प्रदेश), 17 मई (हि.स.)। । केरल के तिरुवनंतपुरम से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस में रविवार तड़के अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लूणी रीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच हुई। आग ट्रेन के एसी कोच बी-1 में लगी, जिसमें उस समय 68 यात्री सवार थे।
घटना सुबह करीब 5:15 से 5:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। ट्रेन संख्या 12431 त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस रतलाम जंक्शन से रात लगभग 3:45 बजे रवाना हुई और उसका अगला ठहराव कोटा जंक्शन था, लेकिन राजस्थान में प्रवेश करने से पहले ही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई।
गार्ड की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले ट्रेन के गार्ड ने बी-1 कोच से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने तत्काल लोको पायलट को सूचना दी, जिसके बाद इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को तुरंत रोका गया। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों और स्टाफ ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब 15 मिनट के भीतर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यात्रियों को दूसरे डिब्बों में शिफ्ट किया गया। समय रहते रेस्क्यू होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, पर आग की चपेट में आने से कोच को भारी नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दो डिब्बे प्रभावित हुए हैं।
रेलवे और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें सक्रिय हो गईं। रतलाम कंट्रोल रूम को सुबह 5:20 बजे कोटा कंट्रोल से हादसे की सूचना मिली। इसके बाद रतलाम से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी), मेडिकल रिलीफ इकाई (एआरएमई) और टावर वैगन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। रतलाम रेल मंडल के डीआरएम अश्विनी कुमार भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके के लिए रवाना हो गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने प्रभावित कोच का बिजली कनेक्शन काट दिया और उसे ट्रेन से अलग कर दिया, ताकि आग अन्य डिब्बों तक न फैल सके। इसका असर देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए रेल यातायात रोकना पड़ा, जिससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। मुंबई सेंट्रल-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया। रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रैक को जल्द बहाल करने की कोशिश की गई और स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
यात्रियों के लिए भोजन और वैकल्पिक व्यवस्था
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों के लिए तत्काल राहत व्यवस्था भी शुरू की। बी-1 कोच में सफर कर रहे यात्रियों के लिए नाश्ते और पेयजल की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को अन्य कोचों में समायोजित कर कोटा तक पहुंचाया जाएगा। वहां से एक अतिरिक्त कोच जोड़कर यात्रियों को आगे दिल्ली तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही है।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के आदेश
घटना के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रेलवे अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई है। सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि आग लगने के वास्तविक कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग इलेक्ट्रिकल फॉल्ट से लगी या किसी अन्य वजह से हादसा हुआ। रेलवे प्रशासन ने प्रभावित कोच और उसमें रखे सामान के नुकसान का भी आकलन शुरू कर दिया है।
यात्रियों की जुबानी
ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक धुआं भरने लगा और लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। हालांकि रेलवे स्टाफ की तत्परता के कारण स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई। यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और रेस्क्यू टीम की तेजी की सराहना की। उनका कहना था कि यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार कहना है...
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि ट्रेन संख्या 12431 के बी-1 कोच में आग लगने की सूचना सुबह 5:20 बजे प्राप्त हुई थी। घटना लूणीरिच्छा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के मध्य हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू कर दिया गया था और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी