ट्राई ने लॉन्च किया ‘माय कॉल’ ऐप का नया संस्करण, उपभोक्ता दर्ज करा सकेंगे कॉल गुणवत्ता की समस्याएं

 


नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देश में मोबाइल वॉयस कॉल की गुणवत्ता में सुधार और उपभोक्ताओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को ‘ट्राई माय कॉल’ मोबाइल ऐप का नवीनीकृत (रीवैम्प्ड) संस्करण लॉन्च किया। नए ऐप के माध्यम से मोबाइल उपभोक्ता प्रत्येक वॉयस कॉल के बाद उसकी गुणवत्ता को एक से पांच स्टार तक रेटिंग दे सकेंगे और कॉल ड्रॉप, आवाज टूटने, ऑडियो में देरी, क्रॉस कनेक्शन तथा कॉल कनेक्ट होने में अत्यधिक समय लगने जैसी समस्याओं की सीधे जानकारी दर्ज करा सकेंगे।

ट्राई के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने ऐप लॉन्च करते हुए कहा कि यद्यपि इसे नवीनीकृत संस्करण कहा जा रहा है, लेकिन व्यवहारिक रूप से यह पूरी तरह नया और व्यापक तंत्र है। इस ऐप का उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्वैच्छिक रूप से अपने वॉयस कॉल अनुभव का मूल्यांकन करने की सरल व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उपभोक्ता कॉल समाप्त होते ही आने वाले पॉप-अप के माध्यम से अथवा सीधे ऐप में जाकर अपनी रेटिंग दर्ज कर सकते हैं और नेटवर्क संबंधी समस्याओं की जानकारी साझा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि नए ऐप में उपभोक्ता अपने पुराने फीडबैक का रिकॉर्ड भी देख सकेंगे और स्वयं नेटवर्क कवरेज परीक्षण भी कर पाएंगे। उपभोक्ताओं से प्राप्त आंकड़े दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को अपने नेटवर्क का लक्षित सुधार करने में मदद करेंगे, जबकि ट्राई इन आंकड़ों का उपयोग अपनी सेवा गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में करेगा।

ट्राई के नौ साल पुराने 'माय काल' ऐप में आधुनिक स्मार्टफोन, विशेषकर एंड्रॉयड-12 और उससे ऊपर के संस्करणों के साथ तकनीकी अनुकूलता संबंधी समस्याएं सामने आ रही थीं। इसी वजह से ऐप को पूरी तरह नया स्वरूप दिया गया है। इसमें ‘भाषिनी’ प्लेटफॉर्म से बहुभाषी सुविधा भी जोड़ी गई है, जिससे विभिन्न भारतीय भाषाओं के उपभोक्ता आसानी से इसका उपयोग कर सकेंगे।

नए ऐप में उपभोक्ता किसी भी वॉयस कॉल को एक से पांच स्टार तक रेटिंग दे सकेंगे। यदि कॉल गुणवत्ता तीन स्टार या उससे कम दर्ज की जाती है तो उपभोक्ता कॉल ड्रॉप, आवाज का कटना, इको, ऑडियो में देरी, क्रॉस कनेक्शन, एक तरफ से आवाज न आना अथवा कॉल कनेक्ट होने में अधिक समय लगने जैसी विशिष्ट समस्याओं का चयन कर सकेंगे।

ऐप में नेटवर्क कवरेज परीक्षण की सुविधा भी दी गई है, जिससे उपभोक्ता अपने स्थान पर उपलब्ध सिग्नल की वास्तविक स्थिति तथा प्रयुक्त नेटवर्क तकनीक, जैसे 4जी या 5जी, की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त इंटरएक्टिव मानचित्र पर स्थानवार अपनी पूर्व रेटिंग और नेटवर्क संबंधी जानकारी भी देख सकेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर