भारतीय समुद्री सीमा में मछली पकड़ते दो श्रीलंकाई मछुआरे गिरफ्तार

 


रामनाथपुरम, 05 मार्च (हि.स.)। भारतीय समुद्री सीमा में मछली पकड़ने के आरोप में भारतीय तटरक्षक बल ने श्रीलंका के दो मछुआरों को गिरफ्तार किया है। उनके द्वारा इस्तेमाल की जा रही नाव और मछली पकड़ने के उपकरण भी जब्त कर लिए गए हैं।

दरअसल, तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के समुद्री क्षेत्र के रास्ते पड़ोसी देश श्रीलंका में बीड़ी पत्ते, हल्दी, सोना, चांदी और दवाइयों सहित कई वस्तुओं की अवैध तस्करी होती रही है। इसी प्रकार श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र से भी रामनाथपुरम जिले के रास्ते विभिन्न सामान समय-समय पर अवैध रूप से भारत लाए जाते हैं। इसे रोकने के लिए भारतीय तटरक्षक बल समुद्री क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त करता है।

इसी क्रम में गुरुवार को रामनाथपुरम जिले के समुद्री इलाके में तटरक्षक बल के जवान गश्त कर रहे थे। इस दौरान अरियमान समुद्र तट के पास एक नाव संदिग्ध स्थिति में खड़ी दिखाई दी। शक होने पर तटरक्षक बल के जवान उस नाव के पास पहुंचे और जांच के दौरान नाव में दो लोग मछली पकड़ते हुए मिले।

पूछताछ में उनकी पहचान श्रीलंका के जाफना निवासी अमलराज और राजकुमार के रूप में हुई। इसके बाद भारतीय समुद्री सीमा में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही उनकी नाव और मछली पकड़ने के जाल सहित अन्य उपकरण भी जब्त कर लिए गए।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को रामनाथपुरम के मंडपम स्थित तटरक्षक बल के कैंप में ले जाया गया, जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे गहन पूछताछ की। इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए क्यू शाखा पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दोनों सीमा पार कर मछली क्यों पकड़ रहे थे और क्या वे वास्तव में मछुआरे ही हैं या नहीं। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने उनकी नाव के लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की है।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों मछुआरों को गुरुवार शाम तक रामेश्वरम की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में श्रीलंकाई नौसेना ने भी तमिलनाडु के करीब 45 मछुआरों को गिरफ्तार किया है। उनकी रिहाई के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV