नीलगिरि में पोंगल उत्सव में शामिल हुए राहुल गांधी, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सौहार्द पर दिया जोर

 






नीलगिरि, 13 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को तमिलनाडु दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने नीलगिरि जिले के गुडलूर (कूडलोर क्षेत्र) स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित धर्मनिरपेक्ष समानता पोंगल उत्सव में भाग लिया और छात्रों को संबोधित किया।

अपने संबोधन की शुरुआत में राहुल गांधी ने बारिश में बच्चों को बैठने की असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज का दौर सूचना का युग है, जहां जानकारियां आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन उन जानकारियों को ज्ञान में बदलने की क्षमता विकसित करना ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना सोचे-समझे सूचनाओं को स्वीकार किया गया, तो समाज गलत दिशा में चला जाएगा।

राहुल गांधी ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्कूल के दिनों में काफी शरारती थे और शिक्षकों के लिए एक कठिन छात्र माने जाते थे। उन्होंने बताया कि छात्रावास में रहते हुए भी वे खुश रहते थे और अपनी दादी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से उन्होंने जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सीखे। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता से मिलने की चाह में वे कभी-कभी यह कह देते थे कि वे खुश नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा अत्यधिक महंगी नहीं होनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने में सरकार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। रोजगार सृजन पर जोर देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश को उत्पादन, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के क्षेत्र में अधिक अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।

महिलाओं की भूमिका पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक सक्षम और दूरदर्शी होती हैं, इसलिए उन्हें समाज के हर क्षेत्र में अधिक अवसर और जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि लोगों के बीच प्रेम, सौहार्द और स्नेह से भरा भारत बनाना ही उनका संघर्ष और लक्ष्य है।

अपने 20 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के अनुभव का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विनम्रता किसी भी नेता का सबसे बड़ा गुण होती है।

कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने तमिल भाषा में राहुल गांधी को पोंगल की शुभकामनाएं दीं, जिसका जवाब राहुल गांधी ने तमिल में ही देकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के समीप कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित पोंगल समारोह में पारंपरिक तमिल वेशभूषा में भाग लिया। इस समारोह में छात्रों और महिलाओं सहित एक हजार से अधिक लोग उपस्थित थे।

इससे पहले दिल्ली से कर्नाटक के मैसूरु पहुंचे राहुल गांधी का वहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्वागत किया। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से तमिलनाडु के गुडलूर पहुंचे। यहां तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुंतगई, डीएमके के उप महासचिव एवं सांसद ए. राजा सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। केरल सीमा से सटे होने के कारण मलप्पुरम जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता भी स्वागत कार्यक्रम में शामिल रहे।

गुडलूर स्थित निजी विद्यालय पहुंचने पर नीलगिरि की पहाड़ी जनजातियों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से राहुल गांधी का स्वागत किया। इस अवसर पर राहुल गांधी स्वयं भी आदिवासी समुदाय के लोगों के साथ नृत्य करते नजर आए। उन्होंने विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया और बारिश के बावजूद छात्रों को संबोधित किया।

राहुल गांधी की इस यात्रा को देखते हुए विद्यालय परिसर से लेकर सेंट थॉमस स्कूल मैदान तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी पुनः मैसूरु के लिए रवाना हो गए। -----------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV