तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने डेल्टा सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से छोड़ा पानी

 


मेत्तूर,01 सितंबर (हि.स.)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने डेल्टा सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से आज गेटों को खोला और पानी छोड़ा। रेशमी धोती और शर्ट पहनकर पहुंचे मुख्यमंत्री का ‘पोन्नी नदी के पुत्र’ की उपाधि के साथ भव्य स्वागत किया गया।

मेट्टूर बांध से प्रति सेकेंड 5,000 क्यूसेक की दर से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाकर प्रति सेकेंड 12,000 क्यूसेक तक किए जाने की संभावना है। साथ ही, आज (01 सितंबर) से 45 दिनों तक डेल्टा सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा।

मेत्तूर बांध से कावेरी डेल्टा सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के लिए मुख्यमंत्री विजय चेन्नई से विशेष विमान द्वारा सुबह 10.30 बजे सेलम पहुंचे। इसके बाद वहां से कार द्वारा मेट्टूर पहुंचे मुख्यमंत्री विजय का रास्ते भर सड़क के दोनों ओर एकत्र हुए लोगों ने फूल बरसाकर भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए हवाई अड्डे से मेट्टूर तक सड़क के दोनों ओर पार्टी के झंडे लगाए गए थे। इसके बाद दोपहर करीब 11.40 बजे मुख्यमंत्री विजय ने मेट्टूर बांध के ऊपरी स्तर के गेट को विद्युत प्रणाली के माध्यम से संचालित कर डेल्टा सिंचाई के लिए पानी छोड़ा। इस कार्यक्रम के लिए रेशमी धोती और शर्ट पहनकर पहुंचे मुख्यमंत्री विजय का ‘पोन्नी नदी के पुत्र’ की उपाधि के साथ भव्य स्वागत किया गया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की ओर से बांध के संबंध में लगाई गई जानकारीपरक फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इसके पश्चात मेट्टूर बांध बिजलीघर का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री विजय वहां से सेलम के कामलापुरम हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए। इसके बाद वे विमान से चेन्नई पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री विजय के सेलम दौरे के मद्देनजर पूरे जिले में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे।

उल्लेखनीय है कि डेल्टा किसानों की जीवनरेखा माने जाने वाले मेट्टूर बांध के माध्यम से सेलम, ईरोड, नमक्कल, करूर, तिरुचि, तंजावुर, तिरुवारूर सहित 12 जिलों में लगभग 17.10 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलती है। बांध का जलस्तर 90 फीट से अधिक होने और बांध में पर्याप्त पानी की आवक होने पर हर साल डेल्टा सिंचाई के लिए 12 जून को मेट्टूर बांध से पानी छोड़ा जाना सामान्य प्रक्रिया है।

मेट्टूर बांध के निर्माण के बाद 93 वर्षों में बहुत 90 से अधिक बार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। अभी तक निर्धारित तारीख पर 20 बार, जब बांध का जलस्तर अधिक था तब निर्धारित तारीख से पहले 11 बार और पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण 61 बार देरी से पानी छोड़ा गया है।

लेकिन बांध में पर्याप्त जल भंडारण नहीं होने के कारण, यानी बांध का जलस्तर केवल 79.56 फीट और पानी की आवक केवल 540 क्यूसेक होने के कारण इस वर्ष निर्धारित तारीख 12 जून को मेट्टूर बांध से कावेरी डेल्टा सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया। इससे कावेरी डेल्टा के किसानों को भारी निराशा हुई। इससे पहले 2011 से 2019 तक लगातार 8 वर्षों तक देरी से पानी छोड़ा गया था।

कर्नाटक राज्य में पिछले कुछ सप्ताह से हो रही भारी बारिश के कारण वहां के काबिनी और कृष्णराजसागर (के.आर.एस.) बांधों में पानी की आवक बढ़ गई और अतिरिक्त पानी कावेरी नदी में छोड़ा गया। इसके बाद पिछले 4 तारीख से मेट्टूर बांध में पानी की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी। इसके कारण बांध का जलस्तर 90 फीट को पार करने के बाद किसानों की मांग को स्वीकार करते हुए डेल्टा सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से आज (01 सितंबर) पानी छोड़ा जाएगा और यह पानी 45 दिनों तक छोड़ा जाएगा, तमिलनाडु सरकार ने इसकी पहले ही घोषणा कर दी थी।

इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री आनंद, मंत्रीगण, विधानसभा सदस्य, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जिलाधिकारी सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV