मदुरांतकम उपचुनाव : मैदान में तेज प्रचार, लेकिन मतदाताओं में नहीं दिख रही खास हलचल

 


मदुरांतकम , 01 अक्टूबर (हि.स.)। चेंगलपट्टू जिले के मदुरांतकम (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र में आगामी 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान हाेना है। हालांकि, चुनाव की तारीख नजदीक आने के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित चुनावी हलचल बहुत ज्यादा नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोग अपने रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।

उधर, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) के साथ-साथ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) समेत विपक्षी दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। क्षेत्र के मतदाताओं का रुख क्या है और वे किन स्थानीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं, यह जानने के लिए हिंदुस्थान समाचार तमिल की टीम ने क्षेत्र का जमीनी जायजा लिया।

2026 के विधानसभा चुनाव में मदुरांतकम विधानसभा सीट से एआईएडीएमके के टिकट पर मरगदाम कुमरवेल ने जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया। उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है। उपचुनाव में टीवीके की ओर से मरगदाम कुमरवेल, डीएमके की ओर से आई. परंधामन और एआईएडीएमके की ओर से कनिता संपत समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं।

मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र की निवासी कन्नम्माल ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि वह लोगों के लिए काम करेंगी, इसलिए हमने पिछले चुनाव में मरगदाम कुमरवेल को वोट दिया था। उनके पार्टी बदलने से हमें दुख हुआ है।”

चुनावी प्रक्रिया के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र में 80 वर्ष से अधिक आयु के 451 मतदाता और 480 दिव्यांग मतदाता, यानी कुल 931 मतदाता, इस सुविधा के पात्र थे। इनमें से 893 मतदाताओं ने डाक मतपत्र के जरिए मतदान किया, जबकि 38 मतदाताओं ने मतदान नहीं किया।

उपचुनाव को सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीएमके और एआईएडीएमके समेत विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने क्षेत्र में प्रचार शुरू किया है। वहीं, टीवीके नेता और मुख्यमंत्री विजय ने भी मदुरांतकम पहुंचकर पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार किया।

मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। ऐसे में राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, महिला मतदाताओं की भूमिका चुनाव में महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालांकि, मौजूदा समय में मतदाताओं के रुख का निश्चित आकलन करना संभव नहीं है। स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों का प्रचार और राजनीतिक दलों की रणनीति मतदान पर कितना असर डालती है, इसका स्पष्ट पता 6 अक्टूबर को मतदान के बाद ही चलेगा।

मतदान 6 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV