चुनावी माहौल में मदुरै की बाजारों में बढ़ी रौनक, झंडों और प्रचार सामग्री की बिक्री में जोरदार उछाल

 


मदुरै, 22 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल 2026 को घोषित होने के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसका सीधा असर मदुरै के बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां चुनावी सामग्री की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

मदुरै की मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास स्थित कील आवणी मूल स्ट्रीट इन दिनों राजनीतिक उत्साह का केंद्र बनी हुई है। यहां सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के झंडे, बैज, टोपी, बैनर, तोरण, मफलर और नेताओं के चेहरों वाले मास्क बड़ी मात्रा में बेचे जा रहे हैं।

दुकानदारों के अनुसार, चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस की सख्ती और वाहनों की जांच बढ़ी है, लेकिन इससे चुनावी सामग्री की मांग पर कोई असर नहीं पड़ा है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, खरीदारी और तेज हो रही है।

पिछले 25 वर्षों से झंडों का कारोबार कर रहे एक व्यापारी परिमल स्वामी ने बताया कि पहले चुनावी सामग्री प्लास्टिक से बनाई जाती थी, लेकिन अब इसे कागज, कार्डबोर्ड और कपड़े से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अलग-अलग दल अपने चुनाव चिन्ह और डिज़ाइन बदलते रहते हैं, जिससे तुरंत प्रिंटिंग और स्टॉक तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

व्यापारियों के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान इस क्षेत्र में लगभग 1 करोड़ रुपये तक का कारोबार हो जाता है। हालांकि, पिछले चुनाव में अधिक स्टॉक बनाने के कारण कुछ नुकसान भी हुआ था, इसलिए इस बार केवल ऑर्डर के आधार पर ही उत्पादन किया जा रहा है।

सोलंगी एंटरप्राइजेज के मालिक गोपालन ने बताया कि उनकी दुकान में सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के झंडों के साथ-साथ नए दलों के लिए टी-शर्ट और अन्य प्रचार सामग्री भी तैयार की जाती है। उनके ग्राहक दक्षिण तमिलनाडु के कई जिलों तक फैले हुए हैं।

दुकान प्रबंधक मुरुगन के अनुसार, फिलहाल बिक्री धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन 23 से 25 मार्च के बाद इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पिछले लोकसभा चुनाव की कुछ सामग्री अभी भी स्टॉक में बची है, जिसे इस बार बेचने की योजना है।

इस क्षेत्र में करीब पांच थोक दुकानें चुनावी सामग्री बेच रही हैं। चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है, जिससे यह इलाका पूरी तरह चुनावी बाजार में बदल गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मदुरै की यह सड़क अब सिर्फ व्यापारिक केंद्र नहीं रही, बल्कि चुनावी उत्साह का प्रतीक बन गई है, जहां चुनाव किसी त्योहार से कम नहीं लगता। फिलहाल मदुरै की यह सड़क राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आवाजाही से गुलजार है और यहां का माहौल किसी त्योहार जैसा दिखाई दे रहा है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV