कर्नाटक में मारे गए 3 तमिलों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देगी तमिलनाडु सरकार
चेन्नई, 18 अगस्त (हि.स.)। तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कर्नाटक के वन क्षेत्र में वन विभाग की गोलीबारी में मारे गए तीन तमिलों का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन, अन्नाद्रमुक महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी सहित अन्य सदस्यों ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से घटना की निष्पक्ष जांच और मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की।
विधानसभा की बैठक मंगलवार सुबह 9.30 बजे शुरू हुई। अनुदान मांगों पर चर्चा सोमवार से शुरू हुई थी और मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इसी दौरान कर्नाटक में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने कहा कि कर्नाटक के वन क्षेत्र में तीन तमिलों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना गंभीर है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जानी है तो इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा जाना चाहिए।
पलानीस्वामी ने कहा कि कर्नाटक सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता मृतकों के परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित और पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक थली रामचंद्रन ने भी घटना को गंभीर बताते हुए कर्नाटक राज्य वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक सरकार को सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए।
विपक्ष की मांगों का जवाब देते हुए तमिलनाडु के वन विभाग के मंत्री रंजीत कुमार ने विधानसभा में बताया कि मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के निर्देश के अनुसार कर्नाटक में गोलीबारी में मारे गए तीन तमिलों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों के साथ सलाह-मशविरा किया जा रहा है और जल्द ही मृतकों के परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस घोषणा के बाद सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को कुल **30 लाख रुपये** की सहायता दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
शिकार के दौरान हुई गोलीबारी
बताया गया है कि कर्नाटक के वन क्षेत्र में चार तमिल कथित तौर पर हिरण का शिकार करने के लिए देशी बंदूकों के साथ गए थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद कर्नाटक वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहां वन विभाग के अधिकारियों और तमिलों के बीच गोलीबारी हुई।
घटना के दौरान वन विभाग के अधिकारियों की ओर से की गई गोलीबारी में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, एक अन्य व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
तीन तमिलों की मौत की घटना सामने आने के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना पर चिंता जताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग भी लगातार उठाई जा रही थी।
अब विधानसभा में सरकार की ओर से तीनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा किए जाने के बाद इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट हो गया है। हालांकि विपक्ष ने घटना की जांच सीबीआई से कराने और कर्नाटक वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को बरकरार रखा है।----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV