(अपडेट) लगातार दूसरे वर्ष तमिलनाडु ने दर्ज की डबल-डिजिट आर्थिक वृद्धि, 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

 


नोट: विकास दर शामिल करके यह खबर पुनः जारी की गई है।

चेन्नई, 28 अप्रैल (हि.स.)। तमिलनाडु ने लगातार दूसरे वर्ष दो अंकों की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य के उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राज़ा ने इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध विकास, मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व और सतत औद्योगिक विस्तार का परिणाम है।

केंद्रीय सांख्यिकी और योजना कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में तमिलनाडु ने 10.83 प्रतिशत की वास्तविक आर्थिक विकास दर दर्ज की है, जबकि देश की कुल राष्ट्रीय औसत आर्थिक विकास दर 7.4 प्रतिशत रही। इस प्रकार तमिलनाडु की विकास दर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य ने 11.19 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की थी, जो यह दर्शाती है कि राज्य लगातार मजबूत आर्थिक प्रदर्शन कर रहा है।

मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि तमिलनाडु की आर्थिक वृद्धि कोई खोखला दावा नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की नीतियों, निवेश आधारित विकास और योजनाबद्ध प्रशासन का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि “द्रविड़ मॉडल” के विकास ने राज्य को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है और यही मॉडल भविष्य की प्रगति की भी आधारशिला बनेगा।

राज्य के उद्योग मंत्री टी. आर. बी. राज़ा ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पहले से ही औद्योगिक रूप से मजबूत राज्य का इस रफ्तार से आगे बढ़ना वैश्विक स्तर पर भी दुर्लभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में तमिलनाडु की यह विकास दर विशेष महत्व रखती है और यह राज्य की आर्थिक क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व, दूरदर्शी नीतियों और निरंतर मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य उपलब्धि नहीं, बल्कि लगातार प्रयासों, बेहतर नीतिगत फैसलों और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने का परिणाम है।

टी. आर. बी. राज़ा ने कहा कि यदि यही विकास दर अगले 15 से 20 वर्षों तक बनी रहती है, तो तमिलनाडु भी चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की तरह तेज आर्थिक प्रगति का उदाहरण बन सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने वर्ष 2030 तक तमिलनाडु को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने, नए उद्योग स्थापित करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में तमिलनाडु निवेश, नवाचार और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “तमिलनाडु बढ़ रहा है, तमिलनाडु मार्गदर्शन कर रहा है।”

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आने से पहले सामने आई इस आर्थिक उपलब्धि ने राजनीतिक और औद्योगिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। इसे राज्य सरकार के प्रदर्शन, आर्थिक दृष्टि और विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार