टीएमसी की बागी सांसद रचना बनर्जी ने की भूपेन्द्र यादव से मुलाकात, कहा- संसदीय क्षेत्र का विकास उनकी जिम्मेदारी

 


नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। हाल ही में विदेश से लौटीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद रचना बनर्जी ने दूसरे बागी सांसदों के साथ 'नेशनल सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' में विलय के लिए दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए। मंगलवार को वह भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचीं और एनसीपी में विलय के बारे में अपनी सहमति जाहिर की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में रचना बनर्जी ने कहा कि वे ममता बनर्जी का हमेशा सम्मान करती हैं, लेकिन अपने संसदीय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि वे यहां दूसरे दल में विलय से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने आईं हैं। उन्होंने कहा कि वे दीदी ममता बनर्जी के खिलाफ विद्रोह नहीं कर सकती और मेरे मन में उनके लिए हमेशा सम्मान रहेगा। हमें वोट दीदी की वजह से मिले, क्योंकि वह पार्टी का चेहरा थीं।

रचना बनर्जी ने कहा कि जनता ने उन्हें विकास कार्यों के लिए चुना है और इसी उद्देश्य से वह काम करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में कई तरह की बाधाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी के प्रति उनके सम्मान में कोई कमी नहीं है, लेकिन अपने क्षेत्र के लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को अलग संसदीय गुट के रूप में मान्यता देने पर फैसला करने से पहले दोनों पक्षों की राय लेने की बात कही है। लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को भी अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भेजा है।

बताया जा रहा है कि तृणमूल के बागी सांसदों ने अलग पहचान और संसदीय सुविधाओं की मांग की है। वहीं ममता बनर्जी गुट के सांसदों ने नेतृत्व ने इस कदम का विरोध किया है। अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर किसी भी अलग गुट को मान्यता नहीं देने का अनुरोध किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी