गिरिराज सिंह ने मिजोरम में वस्त्र और रेशम उत्पादन क्षेत्र की समीक्षा

 




आईजोल, 03 मई (हि.स.)। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने अपनी मिजोरम यात्रा के दौरान राज्य में वस्त्र, रेशम उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की समीक्षा की। उन्होंने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा और राज्यपाल जनरल (डॉ) वी.के. सिंह से मुलाकात कर राज्य के कारीगरों और बुनकरों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर विस्तृत चर्चा की।

मंत्री ने पारंपरिक रेशम के साथ-साथ 'रामी' और 'लिनन' जैसे नए जमाने के रेशों (फाइबर) को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कृषि विभाग को इनकी खेती के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का सुझाव दिया।

ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के लिए उन्होंने सामुदायिक स्तर पर छोटे उपकरणों और कोकून प्रसंस्करण इकाइयों की शुरुआत करने पर जोर दिया।

फाइबर निष्कर्षण परियोजनाओं के लिए 'बाय-बैक' मॉडल अपनाने का सुझाव दिया गया ताकि स्थानीय उत्पादकों को सुनिश्चित बाजार मिल सके और उनका आत्मविश्वास बढ़े।

सिंह ने सुझाव दिया कि चुनिंदा परिवारों को कई करघे उपलब्ध कराकर 'सूक्ष्म मॉडल' विकसित किए जाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और अन्य परिवार भी प्रेरित हों।

पूर्वोत्तर के डिजाइनरों और हितधारकों के साथ 'क्रेता-विक्रेता बैठकें' आयोजित करने का आह्वान किया गया ताकि स्थानीय उत्पादों की दृश्यता और डिजाइन में सुधार हो सके।

गिरिराज ने कहा कि मिजोरम में रेशम और फाइबर आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। छोटी मशीनों और सुनिश्चित बाजार संपर्कों के माध्यम से हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी