केंद्र ने हरित रसायन आधारित औषधि निर्माण परियोजना को समर्थन देने का किया ऐलान, कई दवाओं का आयात घटेगा
नई दिल्ली, 04 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार ने औषधि निर्माण क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटाने, सतत उत्पादन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चेन्नई स्थित बायोनीमटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ग्रीन केमिस्ट्री आधारित परियोजना को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ कंपनी को अपनी तकनीकों का व्यावसायीकरण करने और घरेलू स्तर पर सक्रिय औषधि संघटक (एपीआई) तथा नई दवा वितरण प्रणालियों का निर्माण शुरू करने में मदद की जाएगी।
केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय ने बताया कि परियोजना के तहत मिनॉक्सिडिल, ट्रानेक्सामिक एसिड, डीक्वालिनियम क्लोराइड और उनके इंटरमीडिएट्स का स्वदेशी उत्पादन किया जाएगा। खास तौर पर ट्रानेक्सामिक एसिड का निर्माण कम लागत और पर्यावरण‑अनुकूल संश्लेषण मार्ग से किया जाएगा, जो रक्तस्राव संबंधी विकारों के उपचार में उपयोगी है। साथ ही नैनो टेक्नोलॉजी आधारित ड्रग लाइपोसोम एपीआई भी विकसित किए जा रहे हैं, जिनका उपयोग स्तन और त्वचा कैंसर के उपचार में किया जाएगा।
टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि औषधि निर्माण का भविष्य सतत और तकनीक‑आधारित उत्पादन प्रणालियों में है, जो गुणवत्ता, दक्षता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ते हैं। स्वदेशी एपीआई और नई दवा वितरण प्रणालियों का विकास भारत को वैश्विक फार्मा हब के रूप में मजबूत करेगा।
बायोनीमटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि इस समर्थन से कंपनी अपनी ग्रीन केमिस्ट्री आधारित निर्माण तकनीकों और एडवांस्ड औषधि उत्पादों का व्यावसायीकरण तेज़ी से कर सकेगी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर पैदा होंगे, किसानों को लाभ मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण ऊर्जा सुरक्षा को बल मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर