पाकिस्तान का नैरेटिव फैलाना बंद करे गुपकार गैंग: भाजपा
नई दिल्ली, 01 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती, मीरवाइज उमर फ़ारूक, मनोज झा, हुमायूं कबीर और मणिशंकर अय्यर सहित उन नेताओं पर तीखा प्रहार किया जिन्होंने पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध और वार्ता बहाल करने का समर्थन किया है।
चुग ने बुधवार को मीडिया को जारी बयान में
कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में बैठे कुछ राजनीतिक नेता आज भी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की भयावह सच्चाई को नज़रअंदाज़ कर उसके पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ित भारत की पीड़ा को भूलकर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को ही बल दे रहे हैं।
चुग ने कहा कि यदि इन नेताओं को वास्तव में शांति की चिंता है तो उन्हें भारत सरकार को नहीं बल्कि पाकिस्तान की सरकार और सेना को पत्र लिखना चाहिए। उन्हें पाकिस्तान से मांग करनी चाहिए कि वह अपनी धरती पर चल रहे सभी आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों को तत्काल बंद करे, सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ पूरी तरह समाप्त करे, आतंकवादी संगठनों को मिलने वाला संरक्षण और वित्त पोषण बंद करे तथा पूरी दुनिया के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यह घोषणा करे कि वह भविष्य में आतंकवादियों को प्रशिक्षण, हथियार, आर्थिक सहायता और सुरक्षित पनाह देना हमेशा के लिए बंद कर रहा है।
चुग ने कहा कि यदि ये नेता वास्तव में शांति के पक्षधर हैं तो उन्हें पाकिस्तान से यह भी कहना चाहिए कि वह आतंकवाद को अपनी राज्य नीति का हिस्सा बनाना बंद करे और विश्व समुदाय के सामने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे। यही स्थायी शांति की पहली और अनिवार्य शर्त है।
चुग ने कहा कि गुपकार गैंग और उसके वैचारिक सहयोगी वर्षों से आतंकवाद के शिकार भारत और आतंकवाद के संरक्षक पाकिस्तान के बीच झूठी समानता स्थापित करने का प्रयास करते रहे हैं, जबकि पूरी दुनिया पाकिस्तान की भूमिका से भली-भांति परिचित है।
चुग ने कहा कि जो लोग पाकिस्तान से संवाद की वकालत कर रहे हैं, उन्हें पहले मुंबई, पठानकोट, उरी, पुलवामा, पहलगाम और अन्य पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमलों में शहीद जवानों तथा निर्दोष नागरिकों के परिवारों को जवाब देना चाहिए।
चुग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद पर शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। भारत की संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा इन विषयों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार बेनकाब करता रहेगा और राष्ट्रहित से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी