निवेश प्रोत्साहन नियमों पर काम कर रही पश्चिम बंगाल सरकार, पड़ोसी राज्यों के बराबर होगी सहायता : स्वपन दासगुप्ता
कोलकाता, 24 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक नियम तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को दी जाने वाली सरकारी सहायता और प्रोत्साहन पड़ोसी राज्यों ओडिशा तथा असम के स्तर के अनुरूप होने चाहिए ताकि निवेश आकर्षित करने में पश्चिम बंगाल को समान अवसर मिल सके।
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया के एक कार्यक्रम में दासगुप्ता ने कहा कि राज्य को अपनी प्रोत्साहन व्यवस्था इस तरह तैयार करनी होगी कि असम को असंगत लाभ न मिले और ओडिशा भी केवल पश्चिम बंगाल की नीतिगत कमियों के कारण आगे न निकल जाए। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए सभी पड़ोसी राज्यों के बीच समान प्रतिस्पर्धी वातावरण आवश्यक है।
वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को ओडिशा और असम की तुलना में उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि राज्य औद्योगिक विकास के मामले में पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि राज्य को अपनी पिछली कमियों की भरपाई के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।
उन्होंने सोमवार को राज्य की नई भारतीय जनता पार्टी सरकार का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल निवेश प्रोत्साहन रूपरेखा शुरू करने की घोषणा की थी। इस रूपरेखा का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि को गति देना, औद्योगिक निवेश बढ़ाना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके तहत औद्योगिक गलियारों के आसपास समूह आधारित औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उद्योग संगठनों ने पूर्व में राज्य में औद्योगिक प्रोत्साहन बहाल करने की मांग की थी। उनका कहना था कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा प्रोत्साहन वापस लिए जाने से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ और नीतिगत स्पष्टता कम हुई।
दासगुप्ता ने पिछली राज्य सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को औद्योगिकीकरण में गिरावट का सामना करना पड़ा, जो किसी राज्य के लिए असामान्य स्थिति है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वित्त के खराब प्रबंधन के कारण राज्य पर भारी सार्वजनिक ऋण का बोझ बढ़ा और कारोबारी माहौल भी उद्योगों के अनुकूल नहीं रहा।
वित्त मंत्री ने कहा कि नई सरकार का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व यह भरोसा दिलाना है कि पश्चिम बंगाल की सार्वजनिक संस्कृति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य अब कारोबार समर्थक नीति अपनाएगा और अपनी अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से अधिक मजबूती से जोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि उद्योगों की वैध चिंताओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। दासगुप्ता ने कहा कि सरकार तटस्थ बने रहने के बजाय स्पष्ट रूप से कारोबार समर्थक रुख अपनाएगी और यही बदलाव आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल में दिखाई देगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर