स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद् की दो दिवसीय बैठक आरम्भ

 


- स्वदेशी स्वावलंबन प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र

जयपुर, 07 मार्च (हि.स.)। जयपुर के प्रतापनगर स्थित वरमाला रिजोर्ट में स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद् की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक का शुभारम्भ किया गया। बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय संयोजक आर. सुन्दरम एवं अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मंच पर देश के जाने-माने अर्थशास्त्री अश्विनी महाजन एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एस. भग्गैया की गरिमामय उपस्थिति रही।

प्रांत संयोजक सुरेन्द्र नामा ने बताया कि उद्घाटन सत्र के पश्चात् उक्त राष्ट्रीय परिषद् के बैठक की प्रस्तावना मंच के अखिल भारतीय सहसंगठक सतीश कुमार ने रखी। सतीश कुमार ने विभिन्न आर्थिक विषयों को लेकर एवं देश में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा चलाये जा रहे अभियानों की बदौलत आज स्वावलंबी भारत अभियान, स्वदेशी शोध संस्थान, स्वर्णिम भारत फाउंडेशन एवं व्यापारिक जुटान आदि उभरते हुए आयामों की रूप-रेखा एवं उसे प्रभावी रूप दिये जाने बाबत् उक्त राष्ट्रीय परिषद का मंतव्य बैठक में भाग ले रहे संपूर्ण भारत के 450 जिलों के 425 प्रतिनिधियों के समक्ष रखा। राष्ट्रीय परिषद् की आज की बैठक में कुल 6 सत्र हुए, जिनमें आगामी समय में स्वदेशी विचार समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए देशभर के कार्यक्रमों और अभियानों की रूप-रेखा तय किये जाने की चर्चा की गई।

बैठक के प्रथम सत्र में मंच के राष्ट्रीय संयोजक आर. सुन्दरम्, द्वितीय सत्र में देशभर के 450 जिलों का वृत निवेदन लिया गया। तृतीय सत्र में एआई तकनीक के कारण से देश की आर्थिक उन्नति में होने वाले लाभ एवं खतरों के चर्चा के बाबत् देश के जाने-माने अर्थशास्त्री धनपत राय ने प्रतिनिधियों के समक्ष विषय का वर्णन किया तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक एस. भग्गैया ने तकनीक को मनुष्य के दिमाग का नियंत्रक नहीं मानकर उसका मानव एवं प्रकृति के उत्थान में उपयोग हो, पर अपना व्याख्यान दिया।

चतुर्थ एवं छठे सत्र में स्वावलंबी भारत अभियान के अखिल भारतीय समन्वक भगवती प्रसाद ने भारत दुनिया में आत्मनिर्भरता के आधार पर स्वाभीमानी राष्ट्र बनें, चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो या आर्थिक या चिकित्सक या कृषि विषय पर अपना व्याखान दिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांतरंजन ने प्रतिनिधियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे हो गये किन्तु अभी भी राष्ट्र उत्थान के काम बहुत बाकी है, जिसमें नागरिक अनुशासन, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध तथा सामाजिक समरसता की बातें आचरण में लाकर देश को समृद्ध करें।

स्वदेशी जागरण मंच के तत्व धाम में स्वदेशी स्वावलंबन भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय बैठक में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक स्वदेशी स्वावलंबन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने अवलोकन किया।

स्वदेशी जागरण मंच के समन्वयक लोकेंद्र सिंह ने बताया कि जगतपुरा वरमाला रिसॉर्ट में 6, 7, 8 को राष्ट्रीय परिषद बैठक में स्वदेशी स्वावलंबन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में पूरे देश भर में आयोजित किए जाने वाले मेलों की प्रदर्शनी लगाई गई। लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी में कलाकारों द्वारा विशिष्ट मूर्ति का प्रदर्शन रखा गया। यहां पर भगवान राम, छत्रपति शिवाजी, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप, अहिल्याबाई होलकर, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि की बड़ी ही सुंदर प्रतिमाएं लगाई गई। प्रदर्शनी के मध्य में भारत माता की सुंदर मनमोहक मूर्ति लगाई गई। यह सभी मूर्तियां मूर्तिकार महावीर भारती के द्वारा बनाई गई है। मूर्तिकार महावीर भारती को विश्व भर में 600 से अधिक मूर्ति लगाने का गौरव प्राप्त है। इनकी शिल्प कला ने दर्जनों वीर योद्धा, वीरांगना एवं पूज्य हस्तियों को जीवित किया है।

स्वदेशी स्वावलंबन प्रदर्शनी का रविवार काे अंतिम दिन है।

स्वदेशी की भावना को जन-जन तक पहुँचाने और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से लगाई गई यह प्रदर्शनी जयपुर वासियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

प्रदर्शनी में स्वदेशी जागरण मंच के विभिन्न आयामों और देशव्यापी कार्यों को चित्रों व चार्ट्स के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।प्रदर्शनी में युवाओं के लिए स्वदेशी संदेश वाली टी-शर्ट्स, आधुनिक लुक वाले खादी के शॉर्ट कुर्ते और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए विशेष 'पियो सा' पेय मुख्य आकर्षण हैं।

लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि विभिन्न स्टार्टअप्स और लघु उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले स्वदेशी उत्पाद अवलोकन और खरीद के लिए उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक चलेगी। रविवार होने के कारण कल बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है।

स्वदेशी जागरण मंच ने समस्त जयपुर वासियों से अपील की है कि वे सपरिवार पधारकर स्वदेशी उत्पादों का उत्साहवर्धन करें और स्वावलंबी भारत के संकल्प में सहभागी बनें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश