हर्बल पाउडर के नाम पर विदेश भेजी जा रही ड्रग्स का भंडाफोड़, सूरत का व्यापारी गिरफ्तार
सूरत, 07 मार्च (हि.स.)। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक ड्रग्स एटोमिडेट को हर्बल और फार्मास्युटिकल उत्पादों के नाम पर दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में अवैध रूप से भेजने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में सूरत के एक व्यापारी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
एटीएस को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया कि सूरत के तीन व्यापारी मुंबई एयरपोर्ट के एयर कार्गो के जरिए मलेशिया और थाईलैंड में ड्रग्स भेज रहे थे। आरोपित कंसाइनमेंट पर एलोवेरा पाउडर, गिनोपोल-24 पाउडर और अन्य हर्बल उत्पादों के नकली लेबल लगाकर कस्टम अधिकारियों की नजर से बचने की कोशिश करते थे। इसके लिए फर्जी शिपिंग और कस्टम दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे।
जांच में निकुंज हरेशभाई गढ़िया (28), चेतन कनुभाई वावड़िया (28) और भौतिक दामजीभाई पदमणी (32) के नाम सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार निकुंज गढ़िया ने करीब 50 किलो एटोमिडेट पाउडर हर्बल पाउडर के नाम पर मलेशिया भेजा था जबकि चेतन वावड़िया ने करीब 50 किलो पाउडर ‘गिनोपोल-24’ के नाम से मलेशिया और थाईलैंड एक्सपोर्ट किया था। भौतिक पदमणी ने करीब 25 किलो ड्रग्स एलोवेरा पाउडर के रूप में विदेश भेजा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 4,000 से 5,000 डॉलर प्रति किलो बताई जा रही है।
एटीएस ने मुंबई कस्टम्स और कूरियर कंपनी फेडेक्स की मदद से संदिग्ध कंसाइनमेंट को रोका। रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी टेस्ट में जब्त पाउडर के एटोमिडेट होने की पुष्टि हुई। पूछताछ में मलेशिया के ड्रग्स कार्टेल से जुड़े चुआ झी जुआन नामक व्यक्ति से संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है।
मामले में गिरफ्तार आरोपित को सूरत जिला अदालत में पेश किया गया, जहां एटीएस ने 10 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की थी। हालांकि बचाव पक्ष के वकील केतन रेशमवाला ने अदालत में दलील दी कि जिस पाउडर का जिक्र किया गया है वह भारत में प्रतिबंधित नहीं है और इसकी खरीद-बिक्री तथा निर्यात पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे माल के जीएसटी बिल और बैंक खातों की जानकारी जांच एजेंसी को दे दी गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपित को मंगलवार सुबह 11 बजे तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। फिलहाल एटीएस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे