कांग्रेस ने प्रयागराज में पढ़ाई के खर्च के लिए छात्रों के खून बेचने के मामले की जांच कराने की मांग की
नई दिल्ली, 03 नवंबर (हि.स.)। कांग्रेस ने एक रिपोर्ट के हवाले से प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए खून बेचने का दावा करते हुए इसकी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। गौतम ने इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है।
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को भेजे गए ज्ञापन में दैनिक भास्कर की 25 से 27 अक्टूबर के बीच प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला दिया है। शिकायत के अनुसार प्रयागराज में नीट और कर्मचारी चयन आयोग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र कोचिंग, छात्रावास और अन्य खर्चों के लिए खून बेचने को मजबूर हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इनमें से कई छात्र ग्रामीण और कम आय वाले परिवारों से आते हैं।
प्रयागराज के कोचिंग संस्थानों में सालाना फीस करीब 1.20 से 1.80 लाख रुपये तक है। छात्रावास के कमरे का किराया 3,500 से 5,000 रुपये प्रतिमाह तक बताया गया है। इसके अलावा भोजन और पढ़ाई की सामग्री का खर्च भी उठाना पड़ता है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खून देने वाले छात्रों को एक यूनिट के बदले करीब 3,500 से 4,000 रुपये मिलते हैं, जबकि दलाल मरीजों के परिजनों से करीब 8,000 रुपये तक वसूलते हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि कुछ छात्र महीने में दो से चार बार तक खून देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। बार-बार रक्तदान से एनीमिया, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा रहता है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस अवैध कारोबार में दलाल और एजेंट सक्रिय हैं, जबकि कुछ रक्त बैंक परिसर के बाहर होने वाले सौदों की जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं करते।
गौतम ने आयोग से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने प्रयागराज सहित प्रदेश के प्रमुख कोचिंग केंद्रों में इस समस्या की व्यापक जांच कराने और अवैध रूप से खून खरीदने-बेचने में शामिल एजेंटों, दलालों तथा रक्त बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकारी सहायता प्राप्त कोचिंग योजनाओं, छात्रवृत्ति, किफायती छात्रावास और जागरूकता अभियान का दायरा बढ़ाने का भी आग्रह किया है। साथ ही रक्त बैंकों को निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन कराने और व्यावसायिक लेनदेन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर