बिहार में वज्रपात से 2 लोगों की मौत, तेज आंधी-पानी से फसलों को भारी नुकसान
पटना, 21 मार्च (हि.स.)। बिहार में शुक्रवार देर रात तेज आंधी-पानी के साथ वज्रपात से 02 लोगों की मौत हो गई और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
पटना सहित राज्य के 13 जिलों में हुई आंधी-बारिश से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से गयाजी में 02 लोगों की मौत हो गई।
देर रात राज्य के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। पटना के बाढ़ इलाके में ताड़ के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरने से आग लग गई, हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
वहीं, गया जिले के वजीरगंज और डुमरिया में वज्रपात की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान वजीरगंज के कोल्हना गांव निवासी मनोज सिंह (50) और डुमरिया के छकरबंधा थाना क्षेत्र निवासी महेंद्र यादव (55) के रूप में हुई है।
मौसम विभाग ने स्थिति को गंभीर मानते हुए गोपालगंज, सारण ,सीवान, वैशाली, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, नालंदा, नवादा,पटना और शेखपुरा जिले के कुछ भागों में अगले दो से तीन घंटों में मध्यम दर्जे की मेघ गर्जना , वज्रपात तथा वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर अलर्ट जारी किया है।
राज्य के अन्य जिलों में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय ट्रफ लाइन मुख्य कारण हैं। दिन में बढ़ती गर्मी के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है, जिससे आंधी-बारिश की स्थिति बन रही है। पिछले 24 घंटों के दौरान सुबह जहां मौसम सामान्य और धूप वाला रहा, वहीं शाम होते-होते तेज आंधी और बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।
कैमूर में अधिकतम तापमान 36.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 18 डिग्री सेल्सियस के साथ राजगीर सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग के मुताबिक 21 मार्च को राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। हालांकि 22 मार्च के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी