भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की बड़ी कार्रवाई, 5 लोगों को मानव तस्करी से बचाया, 3.5 लाख नेपाली मुद्रा बरामद

 


सुपौल, 18 मार्च (हि.स.)। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल ने मानव तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल करते हुए 5 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस कार्रवाई में 4 नाबालिग (3 युवतियाँ और 1 युवक) तथा 1 वयस्क युवक शामिल हैं।

द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि 17 मार्च को मानव तस्करी की आशंका को देखते हुए सभी सीमा चौकियों पर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सीमा चौकी नरपतपट्टी की पेट्रोलिंग टीम ने 3 युवतियों और 2 युवकों को संदिग्ध अवस्था में रोका। पूछताछ में सभी के नेपाल निवासी होने की पुष्टि हुई।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि एक नेपाली और एक भारतीय तस्कर द्वारा उन्हें रोजगार का झांसा देकर नेपाल से जयपुर ले जाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई की उपस्थिति में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सभी को आगे की कार्रवाई के लिए भपटियाही थाना को सौंप दिया गया।

इसी क्रम में 18 मार्च को सीमा चौकी शैलेशपुर पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को नेपाल से भारत की ओर आते हुए पकड़ा गया। उसने अपना नाम ज्ञानेंद्र प्रसाद यादव, निवासी सप्तरी (नेपाल) बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से 3,50,000 नेपाली मुद्रा बरामद की गई। उक्त व्यक्ति इस राशि के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

इसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे और बरामद राशि को लैंड कस्टम ऑफिस, भीमनगर को सुपुर्द कर दिया गया।

इस अभियान में एसएसबी के सहायक उप निरीक्षक भारत भूषण, उप निरीक्षक भावना, उप निरीक्षक पूर्णनंद बिजलवान सहित अन्य जवान शामिल रहे। एसएसबी द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र