सूरत में डायमंड कट पर विशेष डाक टिकट जारी, वाइब्रेंट समिट में बड़े निवेश और विकास के संकेत
सूरत, 01 मई (हि.स.)। वाइब्रेंट गुजरात समिट के दौरान गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सूरत को एक और बड़ी पहचान मिली। भारत सरकार के डाक विभाग ने सूरत के कट डायमंड को मिले जीआई टैग के सम्मान में विशेष डाक टिकट जारी किया गया, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटील भी मौजूद रहे।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात स्थापना दिवस पर वाइब्रेंट गुजरात समिट के साथ कई सौगात की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि जब 01 मई, 1960 को गुजरात तत्कालीन मुंबई राज्य से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना था, तब सभी के मन में यह सवाल था कि केवल रण (रेगिस्तान), समुद्र और पहाड़ों वाला यह राज्य कैसे आगे बढ़ेगा। लेकिन 1960 से 2000 तक चार दशकों की गुजरात की विकास यात्रा और वर्ष 2001 के बाद के ढाई दशकों की अविरत विकास यात्रा का बिल्कुल साफ और स्पष्ट अंतर आज हर कोई देख सकता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना वाली बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने पर अहमदाबाद से मुंबई की यात्रा मुंबई से दहिसर जाने से भी कम समय में पूरी हो सकेगी। इससे दक्षिण गुजरात और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उद्योगपतियों को एक ही दिन में काम कर लौटने की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात को पहले गांधीनगर और अहमदाबाद तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब छोटे व्यापारियों और स्थानीय निवेशकों को भी जोड़ने के उद्देश्य से पहली बार रीजनल समिट आयोजित की गई है। इससे उधना, कडोदरा जैसे क्षेत्रों के व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने समिट के दौरान अगले दो दिनों में दक्षिण गुजरात में रिकॉर्ड निवेश समझौतों (एमओयू) होने की उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि मेहसाणा में 3.24 लाख करोड़ और राजकोट में 5.78 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं और सूरत में इससे भी अधिक निवेश की संभावना है।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण जापान के राजदूत केइची ओनो का गुजराती में संबोधन रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से जापान वाइब्रेंट गुजरात का भागीदार देश रहा है और सूरत को डायमंड उद्योग का वैश्विक केंद्र बताया। साथ ही उन्होंने बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान की भागीदारी का भी उल्लेख किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे