चीन से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, हरियाणा, उप्र से चार गिरफ्तार
नई दिल्ली, 14 अगस्त (हि.स.)। वर्क फ्रॉम होम टास्क के नाम पर लोगों को ठगने वाले चीन से जुड़े साइबर ठगी गिरोह का दिल्ली पुलिस के साइबर थाना ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। इनमें बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला, खाता संचालक, एजेंट और खाताधारक शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपित चीन में बैठे साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। ठगी की रकम को विभिन्न खातों में घुमाने के बाद क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर उसके स्रोत को छिपाने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने नौ बैंक पासबुक, पांच सिम कार्ड, छह मोबाइल फोन और कमीशन का हिसाब रखने वाला रजिस्टर बरामद किया है।
दिल्ली के दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने शुक्रवार को बताया कि 17 जुलाई को साइबर थाने में ठगी का केस दर्ज हुआ था। पीड़ित ने बताया कि उसे टेलीग्राम के माध्यम से वर्क फ्रॉम होम टास्क आधारित नौकरी का प्रस्ताव दिया गया। आरोपितों ने ऑनलाइन काम पूरा करने के लिए पहले सिक्योरिटी मनी जमा कराई। जब पीड़ित ने कमाई निकालने की कोशिश की तो अलग-अलग बहाने बनाकर उससे और रकम जमा कराई गई। इस तरह पीड़ित ने आरोपितों के झांसे में आकर कुल 12 लाख रुपये गंवा दिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई चेतन राणा के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल विजयपाल और हेड कांस्टेबल मनेंद्र की टीम गठित की गई। तकनीकी जांच में सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल टेलीग्राम आईडी के आईपी एड्रेस चीन में लोकेट हो रहे थे। मनी ट्रेल की जांच में ठगी की रकम का कुछ हिस्सा गगन यादव के बैंक खाते में पहुंचा, जिसका विवरण चीन में बैठे ठगों ने पीड़ित को दिया था।
तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने गुरुग्राम में सक्रिय गीतम सिंह को गिरफ्तार किया। मेरठ निवासी गीतम बीबीए स्नातक है। उसके पास से तीन मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में सामने आया कि वह चीन स्थित साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराता था और ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलता था। उसके मोबाइल, वाट्सऐप और टेलीग्राम चैट की जांच में चीन के साइबर ठगों से सीधा संपर्क भी मिला। गीतम की निशानदेही पर गाजियाबाद से 21 वर्षीय ध्रुव को पकड़ा गया। वह इटावा का रहने वाला है और बीकॉम स्नातक है। उसके पास से अलग-अलग खाताधारकों की नौ पासबुक, पांच सिम कार्ड, एक मोबाइल फोन और बैंक खाते उपलब्ध कराने से मिले कमीशन का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर बरामद हुआ।
ध्रुव से पूछताछ में सामने आया कि अनुज शर्मा ने गगन यादव का बैंक खाता खुलवाने में मदद की थी। खाते से जुड़ा सिम भी अनुज के नाम पर था। इसके बाद पुलिस ने नोएडा से 27 वर्षीय अनुज शर्मा को गिरफ्तार किया। वह भी इटावा का रहने वाला और एमबीए स्नातक है। उसके मोबाइल से कमीशन के भुगतान से संबंधित आपत्तिजनक चैट मिलीं। पुलिस ने इसके बाद इटावा में दबिश देकर 26 वर्षीय गगन यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना बैंक खाता सिंडिकेट को उपलब्ध कराने के बदले कमीशन लेने की बात बताई।
जांच में पता चला कि चीन में बैठे ठग टेलीग्राम के जरिए लोगों को आकर्षक वर्क फ्रॉम होम टास्क का लालच देते थे। पहले सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाती और बाद में अधिक मुनाफे का झांसा देकर लगातार रकम मंगाई जाती। आरोपित बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने, ठगी की रकम को कई खातों में घुमाने, कमीशन लेने तथा रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का काम करते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों, ठगी की रकम और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी