होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हुए तीन भारतीय कच्चे तेल के टैंकर: सर्बानंद सोनोवाल

 


नई दिल्ली, 20 जून (हि.स.)। भारतीय ध्वज वाले तीन कच्चे तेल के टैंकर- देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड शनिवार को सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना हो चुके हैं। इन तीनों जहाजों में 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल लदा है और इन पर 94 भारतीय चालक दल (नाविक) सदस्य सवार हैं।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि तीनों टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों का सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित हो गया है।

उन्होंने कहा कि 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक भार और 94 भारतीय चालक दल के सदस्यों के साथ तीन भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड आज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत के रास्ते में हैं।

सूत्रों ने बताया कि देश वैभव 24 जून को गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि देश विभोर उसी दिन सिक्का बंदरगाह पर पहुंचेगा। वहीं, सनमार हेराल्ड के 01 जुलाई को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। हालांकि, पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने की घोषणा की है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश की संयुक्त सैन्य कमान से जुड़े अधिकारियों ने इस कदम को हालिया क्षेत्रीय घटनाक्रमों और सुरक्षा चिंताओं से जोड़ा है।

ईरान के सर्वोच्च संयुक्त सैन्य कमान एवं परिचालन नियंत्रण केंद्र खतम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि हाल में हुए शांति समझौते की कुछ प्रमुख शर्तों का पालन नहीं हुआ है। ईरानी पक्ष का आरोप है कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य गतिविधियां और संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएं जारी हैं, जिसके कारण क्षेत्रीय तनाव कम नहीं हो सका है। ईरान ने कहा कि यदि क्षेत्र में हिंसा जारी रहती है तो इससे शांति प्रयासों पर असर पड़ेगा। इसी संदर्भ में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर यह कदम उठाए जाने की जानकारी दी गई है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि शनिवार को 55 व्यापारिक जहाजों ने इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारगमन किया। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि अमेरिकी बल क्षेत्र में मौजूद हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरान के साथ हुए समझौते का पूरी तरह पालन हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर