सोनिया राष्ट्रपति, राहुल प्रधानमंत्री, अखिलेश रक्षामंत्री, नेहा बोरा Gen Z अफेयर्स मिनिस्टर : रिटायर्ड जस्टिस मार्कण्डेय काटजू का व्यंग्य

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर विपक्षी दलों पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कथित रूप से हुई “संसद” का हवाला देते हुए एक काल्पनिक मंत्रिमंडल की घोषणा की है, जिसमें विपक्ष के प्रमुख नेताओं को ऊंचे पद सौंपे गए हैं।
 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखकर विपक्षी दलों पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर कथित रूप से हुई “संसद” का हवाला देते हुए एक काल्पनिक मंत्रिमंडल की घोषणा की है, जिसमें विपक्ष के प्रमुख नेताओं को ऊंचे पद सौंपे गए हैं।

काटजू ने अपने पोस्ट में किसे दिया कौन सा पद
“हाल ही में मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर हुई पार्लियामेंट में सोनिया गांधी को भारत का प्रेसिडेंट, फारूक अब्दुल्ला को वाइस प्रेसिडेंट, राहुल गांधी को प्राइम मिनिस्टर, ममता बनर्जी को होम मिनिस्टर, कपिल सिब्बल को फाइनेंस मिनिस्टर, उद्धव ठाकरे को कॉमर्स मिनिस्टर, अखिलेश यादव को डिफेंस मिनिस्टर, प्रशांत भूषण को लॉ मिनिस्टर, योगेंद्र यादव को एजुकेशन मिनिस्टर, तेजस्वी यादव को एग्रीकल्चर मिनिस्टर, महुआ मोइत्रा को बैंक मिनिस्टर, पवन खेड़ा को पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर, अजीत अंजुम को इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर, प्रियंका गांधी को विमेन अफेयर्स मिनिस्टर, शशि थरूर को सोशल डेवलपमेंट मिनिस्टर, महबूबा मुफ्ती को माइनॉरिटीज अफेयर्स मिनिस्टर, सुप्रिया सुले को दलित अफेयर्स मिनिस्टर, के.सी. वेणुगोपाल को स्पोर्ट्स मिनिस्टर, और नेहा बोरा को Gen Z अफेयर्स मिनिस्टर चुना गया है। बाकी अपॉइंटमेंट्स बाद में अनाउंस की जाएंगी।''

उन्होंने आगे लिखा कि, ''ऊपर बताए गए सभी लोगों को बधाई। मुझे यकीन है कि आप जल्द ही भारत को खुशहाली के दौर में ले जाएंगे, और भारत को गरीबी, बेरोजगारी, बच्चों में कुपोषण, आम लोगों के लिए सही हेल्थकेयर और अच्छी शिक्षा की कमी, खाने-पीने जैसी ज़रूरी चीज़ों की आसमान छूती कीमतों जैसी बुराइयों से छुटकारा दिलाएंगे, जिन्होंने सदियों से हमारे देश को परेशान किया है।”

I often criticize the Congress and other opposition parties. From this many people derive the conclusion that I am pro-BJP. This is totally incorrect. I am against all the present political parties in India, including both Congress and the BJP. I regard all of them worthless, because they only seek power and pelf, and have no genuine love for the people. They are only experts in polarizing society and inciting caste and communal hatred, to get votes. I am confident that good, patriotic, selfless, modern minded, secular leaders, who will lead the people in a mighty united people's struggle ( jan sangharsh ) for creating a prosperous India, whose people will enjoy a high standard of living, will emerge in the future. This is because historical experience tells us that whenever a country is in a crisis, nature throws up great leaders who were unknown before, e.g. Oliver Cromwell in England in the 17th century, Robespierre in France in 1789, and Lenin in Russia in 1917 But that will take time. As yet they are not to be seen. But I am sure they will appear one day.

— Markandey Katju (@mkatju) November 2, 2026


यह पोस्ट स्पष्ट रूप से व्यंग्यात्मक (सैटिरिकल) है। इसमें “नदियों में दूध और शहद” जैसी भाषा का प्रयोग कर काटजू ने विपक्षी नेताओं की क्षमता और उनके दावों पर सवाल उठाया है। पोस्ट को उन्होंने कई विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को टैग करते हुए कई बार दोहराया भी है। पोस्ट को काफी प्रतिक्रिया मिली है (हजारों लाइक्स, शेयर और रिप्लाई)।

यह पोस्ट हाल ही में विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) द्वारा खड़गे आवास पर आयोजित “मॉक पार्लियामेंट” और चुनाव आयोग/वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध के बीच आया है। काटजू इससे पहले भी राहुल गांधी और विपक्ष पर आलोचनात्मक लेख/पोस्ट लिख चुके हैं, जिसमें उन्होंने उन्हें “wannabe king” और उनकी गतिविधियों को “Mad Hatter’s Party” जैसे रूपक से जोड़ा था। काटजू लंबे समय से कांग्रेस परिवार और विपक्षी राजनीति पर मुखर रहे हैं।

पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ यूजर्स ने इसे हास्य और तीखा व्यंग्य बताकर सराहा, जबकि अन्य ने इसे विपक्ष पर हमला करार दिया। कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी विपक्षी दलों की ओर से सामने नहीं आई है।

जस्टिस मार्कण्डेय काटजू सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हैं और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। वे अक्सर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर एक्स पर अपनी राय रखते रहते हैं।