भारत ने एक साल के भीतर बढ़ाया परमाणु हथियारों का जखीरा, पाकिस्तान हुआ पीछे
- भारत के पास परमाणु बम 180 से बढ़कर 190 हुए, पाकिस्तान 170 वॉरहेड्स पर ही टिका
नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। भारत ने पिछले साल के मुकाबले अपना परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ा लिया है। भारत के पास परमाणु बम 180 से बढ़कर इस साल 190 हो गए हैं, जबकि पड़ोसी पाकिस्तान की परमाणु क्षमता बिना किसी बदलाव के 170 वॉरहेड्स पर ही रुकी हुई है। यानी भारत रणनीतिक रूप से परमाणु हथियारों के मामले में पाकिस्तान से आगे हो गया है। इस समय दुनिया के नौ देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं, जिनमें से लगभग 9,745 वॉरहेड्स को सैन्य भंडारों में संभावित उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है। इनमें से लगभग 4,012 वॉरहेड्स मिसाइलों और लड़ाकू विमानों पर सक्रिय रूप से तैनात किये जा चुके हैं।
रक्षा क्षेत्र पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपरी) ने अपनी वार्षिक ईयर बुक जारी कर दी है। दुनिया में बदलते युद्ध के तरीकों और सेनाओं के आधुनिकीकरण का ही नतीजा है कि वैश्विक स्तर पर हथियारों को जमा करने की होड़ मची है। सोमवार को प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय हथियार हस्तांतरण पर रिपोर्ट में बताया गया है कि परमाणु हथियारों की संख्या और उनके प्रभाव को कम करने के लिए दशकों से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयास अब पूरी तरह से उल्टे होते दिख रहे हैं। परमाणु हथियारों की होड़ में रूस और अमेरिका आज भी सबसे आगे हैं।
रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि परमाणु हथियार संपन्न दुनिया भर के नौ देशों के पास इस साल जनवरी तक कुल 12187 परमाणु बम हैं, जबकि 2025 में यह संख्या 12241 थी। कहने को कहा जा सकता है कि परमाणु बमों की कुल संख्या में मामूली गिरावट आई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे भ्रामक मानते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनियाभर में करीब 2,100 से 2,200 परमाणु वॉरहेड्स को 'हाई ऑपरेशनल अलर्ट' पर रखा गया है, यानी इन्हें महज कुछ ही मिनटों के आदेश पर दागा जा सकता है। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा हथियार रूस और अमेरिका के पास हैं।
परमाणु हथियारों के मामले में इस समय रूस दुनिया का सबसे बड़ा परमाणु शक्ति संपन्न देश बना हुआ है, जिसके पास कुल 5420 वॉरहेड्स हैं। इस सूची में अमेरिका 5,042 वारहेड्स के साथ दूसरे स्थान पर है। भारत का पड़ोसी देश चीन भी अपने परमाणु हथियार तेजी से बढ़ा रहा है, क्योंकि उसके पास 600 से बढ़कर 620 परमाणु बम हो गए हैं। सीपरी की इस वार्षिक रिपोर्ट में सबसे ज्यादा फ्रांस ने चौंकाया है, क्योंकि एक साल के भीतर उसके पास परमाणु बमों की संख्या 80 बढ़ गई है। फ्रांस ने पिछले साल के मुकाबले अपने परमाणु भंडार में इसे 290 से सीधे 370 वॉरहेड्स तक पहुंचा दिया है।
इसके विपरीत यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने अपनी रणनीतिक क्षमता को स्थिर रखा है, क्योंकि उसके पास मौजूदा समय में 225 वॉरहेड्स हैं। पश्चिमी एशिया में ईरान के साथ युद्ध के बावजूद इजराइल ने अपना परमाणु भंडार नहीं बढ़ाया है और उसके पास पिछले साल की तरह अभी भी 90 वॉरहेड्स हैं। उत्तर कोरिया भी लगातार घातक हथियार बना रहा है, जिससे उसका परमाणु भंडार 50 से बढ़कर 60 वॉरहेड्स हो गया है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया के कई देश एक बार फिर परमाणु हथियारों पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम