रक्षा राज्य मंत्री ने उत्तर सिक्किम में ताराम-चू स्टील ब्रिज का किया उद्घाटन
मंगन (सिक्किम), 26 फरवरी (हि.स.)। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को उत्तर सिक्किम के चुंगथांग-लाचेन सड़क खंड पर महत्वपूर्ण संपर्क बहाल करते हुए नवनिर्मित ताराम-चू स्टील ब्रिज का उद्घाटन किया।
रक्षा राज्य मंत्री दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर गुरुवार काे सिक्किम पहुंचे। पहले दिन उन्होंने उत्तर सिक्किम में नवनिर्मित ताराम-चू स्टील ब्रिज का उद्घाटन किया। वह हेलीकप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे।
अपने संबोधन में संजय सेठ ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद अल्प समय में पुल निर्माण पूर्ण करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) के कर्मियों की सराहना की। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग तथा राज्य सरकार को निरंतर सहयोग और समन्वय के लिए धन्यवाद दिया।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि यह पुल लाचेन और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए सामान्य जीवन बहाल करने में सहायक होगा तथा संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में रणनीतिक आवाजाही को भी मजबूत करेगा। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग के लिए उन्होंने जिला प्रशासन की भी प्रशंसा की। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राज्य के विकासात्मक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस से पहले क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री साम्डुप लेप्चा ने उत्तर सिक्किम के दौरे और बहुप्रतीक्षित पुल के उद्घाटन के लिए रक्षा राज्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अक्टूबर, 2023 में आई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) तथा उसके बाद आई प्राकृतिक आपदाओं के कारण जनजीवन और संपर्क व्यवस्था पर पड़े गंभीर प्रभाव का उल्लेख किया।
राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से उन्होंने जीआरईएफ और बीआरओ के कर्मियों की कठिन परिस्थितियों में समर्पित सेवा के लिए सराहना की।
उल्लेखनीय है कि भारी वर्षा, आकस्मिक बाढ़, जून 2024 के चक्रवात रेमल तथा मई-जून 2025 के विनाशकारी बादल फटने की घटनाओं से उत्तर सिक्किम के बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची थी। ताराम-चू पर बना पुराना पुल सहित कई महत्वपूर्ण पुल बह जाने से लाचेन की संपर्क व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी, जिससे पर्यटन, आवश्यक आपूर्ति और सामरिक गतिविधियां बाधित हुई थीं।
ताराम-चू पर निर्मित 400 फुट लंबा बेली सस्पेंशन स्टील ब्रिज तथा 28 किलोमीटर लंबे चुंगथांग-लाचेन मार्ग की पुनर्स्थापना आपदा के बाद पुनर्निर्माण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उच्च हिमालयी परिस्थितियों, भूकंपीय संवेदनशीलता और तीव्र जल प्रवाह को ध्यान में रखकर इस पुल को मजबूत और टिकाऊ संरचना के रूप में तैयार किया गया है।
इस पुनर्स्थापना से चुंगथांग और लाचेन के बीच जीवनरेखा फिर से स्थापित हुई है, जिससे नागरिकों और पर्यटकों की सुगम आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, आपदा प्रबंधन क्षमता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी रसद व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
पुल उद्घाटन कार्यक्रम के पश्चात रक्षा राज्य मंत्री निर्धारित समीक्षा बैठक के लिए चुंगथांग रवाना हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung