घटिया बीज मामले में कंपनी पर एफआईआर, किसानों को मुआवजे के निर्देश: शिवराज चौहान

 


नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिलों के किसानों को घटिया बीज और पौध सामग्री से हुए नुकसान मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, मध्य प्रदेश के धार और खरगोन के किसान यहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिले और करेला की फसल में भारी नुकसान की जानकारी दी। किसानों ने बताया कि उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और पौधे खरीदे थे, लेकिन फसल अपेक्षित उत्पादन नहीं दे सकी। फलों का आकार छोटा रहा, वे पीले पड़ गए और समय से पहले गिरने लगे, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में 'ननहेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 318(4) और 324(5), आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धाराओं 3 और 7 तथा बीज अधिनियम, 1966 की धारा 19 के तहत दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि किसानों को प्रमाणित बताकर निम्न गुणवत्ता वाले बीज और उनसे तैयार पौधे बेचे गए। शिकायत के अनुसार, इससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति हुई। किसानों ने 17 फरवरी 2026 को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों ने जांच की।

शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों के विश्वास, मेहनत और पूंजी पर सीधा आघात है, इसलिए इस पर गंभीरता से कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय, लापरवाही या धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय के अनुसार, इस मामले में एक साथ दो स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। पहला, प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाना और दूसरा, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर