शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से किया संवाद, कहा जरूरत के अनुसार करें उर्वरकों का उपयोग
-लखनऊ में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत आयोजित किसान चौपाल में शामिल हुए शिवराज सिंह चौहान
लखनऊ, 03 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम के अंतर्गत किसान चौपाल को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों के साथ सीधा संवाद किया और खेती की चुनौतियों, मिट्टी की उर्वरता तथा कृषि को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग आवश्यकता से अधिक न करें। उन्होंने कहा कि धरती की सेहत लगातार बिगड़ रही है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) के माध्यम से अपनी मिट्टी की जांच अवश्य करानी चाहिए और मिट्टी की वास्तविक जरूरत के अनुसार ही खाद का उपयोग करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा उर्वरकों का इस्तेमाल मिट्टी की सेहत के लिए नुकसानदेह है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से खेती में फसलों के लिए उपयोगी अनेक जीव भी समाप्त हो रहे हैं। इसलिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन और कीटनाशकों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। खेतों की मिट्टी को स्वस्थ रखना भविष्य की कृषि और आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि जिन किसानों के पास पांच बीघा जमीन है, वे कम से कम एक बीघा भूमि पर प्राकृतिक खेती करके इसका प्रयोग अवश्य करें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। उन्होंने किसानों से फसल विविधीकरण और एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाने की भी अपील की।
मंत्री ने कहा कि किसान केवल एक ही फसल पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी जमीन और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार फल, सब्जियां, दालें तथा अन्य फसलें उगाएं। फसल चक्र में बदलाव और विविधीकरण से खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
शिवराज चौहान ने कहा कि भारत सरकार ‘खेत बचाओ अभियान’ के माध्यम से किसानों को मिट्टी की सेहत, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक कर रही है। इसका उद्देश्य खेतों की उर्वरता को बनाए रखना और कृषि को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना है।
कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण अभियान के साथ हुई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संस्थान परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही व भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिकगण तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।----------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन