शेखावत ने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का किया निरीक्षण

 






रायपुर, 01 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गुरुवार काे छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला अंतर्गत ऐतिहासिक

और पुरातात्विक स्थल सिरपुर का दौरा किया।

इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल भी उनके साथ रहे। इससे पूर्व केंद्रीय संस्कृति मंत्री शेखावत का सिरपुर हेलीपैड पर सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभास कुमार और जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।

इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री शेखावत ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल सिरपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला और स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने संरक्षण और संवर्धन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। आनंद प्रभु कुटी विहार, सुरंग टीला, तिवरदेव विहार, लक्ष्मण देवालय स्थानीय हाट बाजार का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि यहां आकर गौरव की अनुभूति हो रही है। सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने का प्रयास जारी है। यहां की ऐतिहासिक, पुरातत्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारे समृद्ध संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है। इसके संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विहारों और मंदिरों के अवशेषों की वर्तमान स्थिति को सहजने और संरक्षित करने पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने गंधेश्वर मंदिर पहुंचकर गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर देश के समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री, धर्मस्व और पर्यटन मंत्री के साथ सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद अध्यक्ष दिशा दीवान, उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि सिरपुर प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा महानदी के तट पर बसी एक प्राचीन नगरी है, जिसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक फैला हुआ है। यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है और यहां हिंदू, बौद्ध व जैन तीनों धर्मों के तीर्थ, मठ, मंदिर और विहारों का दुर्लभ संग्रह मिलता है। खुदाई में यहां 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बुद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं।

6वीं-7वीं सदी में बना था पुरातन हिंदू मंदिर

लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है। रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था। इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल