भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर सख्त कानून बने, दोषियों को मिले मृत्युदंड या आजीवन कारावास : शांता कुमार

 


शिमला, 01 जुलाई (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने देश में बढ़ते भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों गंभीर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अलग से कड़ा कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के लिए मृत्युदंड अथवा आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए।

बुधवार को जारी एक बयान में शांता कुमार ने कहा कि देश एक ओर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी चुनौतियां राष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। उनका आरोप था कि आतंकवादी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं और हाल में लाल किले के निकट कार बम विस्फोट की कथित साजिश इसका उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, इससे युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ रहा है और कई मामलों में मानसिक तनाव जैसी गंभीर परिस्थितियां भी सामने आ रही हैं।

शांता कुमार ने हाल की विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ में बच्चों की मौत, तिरुपति के प्रसाद में कथित मिलावट तथा राम मंदिर में कथित अनियमितताओं से जुड़ी खबरों ने लोगों की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाए बिना विकास की गति का अपेक्षित लाभ देश को नहीं मिल सकेगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आतंकवाद और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के मामलों के लिए विशेष कानून बनाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आजीवन कारावास की सजा पाने वाले दोषियों के लिए उच्च सुरक्षा वाली अलग जेल स्थापित की जाए, जहां उन्हें जीवनभर रखा जाए।

शांता कुमार ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से बचाने के लिए कठोर कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाना समय की आवश्यकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला