अंतिम सोमवार को मप्र के कुबेरेश्वरधाम पर उमड़ा आस्था का महासागर, अमेरिका-ब्रिटेन समेत कई देशों से पहुंचे शिवभक्त
- लाखों श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक, कल सुबह सीवन नदी तट से निकलेगी ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा
सीहोर, 24 अगस्त (हि.स.)। सावन मास के अंतिम सोमवार पर कुबेरेश्वरधाम में आस्था का महासागर उमड़ पड़ा। शहर के सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान अमेरिका-ब्रिटेन समेत कई देशों से शिवभक्त यहां पहुंचे। जहां उन्होंने भगवान भोलनाथ के दर्शन कर उन्हें जल अर्पित किया।
कांवड़ यात्रा को लेकर सोमवार से ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई थी। इंदौर-भोपाल मार्ग पर कई बार जाम जैसी स्थिति बनी, जिसे पुलिस और यातायात विभाग के जवानों ने संभाला। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन सहित अन्य व्यवस्थाएं की हैं। वहीं मंगलवार को सुबह 9 बजे सीवन नदी के तट से ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन करने वाले लोग भी शामिल होंगे।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने लगाया 25 क्विंटल नुक्ती का भोग
अंतिम सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सुबह कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के लिए 25 क्विंटल नुक्ती का भोग लगाकर प्रसादी का वितरण कराया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भारतीय संस्कृति का अद्भुत मिलन है। यह भगवान शिव की सरल और सच्ची भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कांवड़ लेकर भगवान शिव की ओर जाने वाले श्रद्धालु और रास्ते में कांवड़ यात्रियों की सेवा करने वाले सेवादार, दोनों ही भगवान की सेवा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सेवा करना भी पुण्य का कार्य है।
अमेरिका और ब्रिटेन से भी पहुंचे शिवभक्त
आस्था के इस महापर्व में देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। अमेरिका और ब्रिटेन सहित अन्य देशों से आए एक दर्जन से अधिक शिवभक्तों ने अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वरधाम पहुंचकर भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित किया और विश्व कल्याण की कामना की। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य ने उनका स्वागत किया।
100 से अधिक स्थानों पर सेवा, शहर के मंदिरों में ठहरेंगे श्रद्धालु
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक पहले से करीब 25 स्थानों पर चाय, नाश्ता और पेयजल की सेवा की जा रही थी। अब 25 और 26 अगस्त को लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए 100 से अधिक स्थानों पर भोजन-प्रसादी के स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर चाय, नाश्ता, फलहारी खिचड़ी, भोजन और पेयजल की व्यवस्था रहेगी। शहर के समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी भी सेवा कार्य में जुटे हैं। होटल, धर्मशाला और होम स्टे पहले से फुल हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए शहर के मंदिरों और बड़े भवनों में भी व्यवस्थाएं की गई हैं। सोमवार को करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी गई। धाम परिसर में करीब दो एकड़ में बनी भोजनशाला से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को भोजन-प्रसादी वितरित की गई।
10 से अधिक वॉच टावर, 1200 से ज्यादा जवान तैनात
कांवड़ यात्रा के सफल और सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में 10 से अधिक वॉच टावर लगाए गए हैं। अधिकारियों के साथ 1200 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने सोमवार को भोजनशाला, शिला परिसर, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया।
गुजरात के श्रद्धालु बोले-सेवा ही महादेव की पूजा
कांवड़ यात्रा मार्ग पर गुजरात से आए करीब 35 श्रद्धालुओं का दल भी सेवा में जुटा दिखाई दिया। दल के सदस्यों ने बताया कि वे यात्री बस से कुबेरेश्वरधाम पहुंचे थे। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने रास्ते से गुजरने वाले श्रद्धालुओं और अपने दल के लिए भोजन तैयार करना शुरू किया। सड़क किनारे ही कड़ाई से सब्जी पूडी बनाई और राह से गुजरने वालों के साथ स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। श्रद्धालुओं का कहना था कि भगवान की भक्ति केवल मंदिर में पूजा करने तक सीमित नहीं है। कांवड़ लेकर भगवान शिव की ओर बढ़ने वाले और रास्ते में उनकी सेवा करने वाले, दोनों ही महादेव की सेवा कर रहे हैं।
अखंड हिंद फौज के कार्यकर्ताओं ने संभाली सेवा व्यवस्था
आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने में प्रशासन के साथ विठलेश सेवा समिति और अखंड हिंद फौज के सेवाभावी कार्यकर्ता भी जुटे हुए हैं। सुरक्षा, यातायात, श्रद्धालुओं की सहायता और सेवा व्यवस्था में कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
पांच क्विंटल फूलों से होगा बाबा का श्रृंगार और जल से महाभिषेक
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि मंगलवार को कुबेरेश्वरधाम स्थित बाबा का पांच क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सुबह 9 बजे सीवन नदी तट से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा करीब 11 किलोमीटर का सफर तय कर दोपहर में धाम पहुंचेगी। इसके बाद सीवन नदी से लाए गए पवित्र जल से भगवान कुबेरेश्वर महादेव का महाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। कांवड़ यात्रा को लेकर शहर से लेकर धाम तक भक्ति, सेवा और व्यवस्था का संगम नजर आ रहा है। भगवा रंग में सजे कांवड़िए, गूंजते महादेव के जयकारे और जगह-जगह सेवा में जुटे श्रद्धालु सावन के इस धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप दे रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत