सत्य निकेतन इमारत हादसे पर बांग्लादेश उच्चायोग ने जताया शोक
नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने की घटना पर बांग्लादेश उच्चायोग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उच्चायोग ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों और मलबे में फंसे लोगों के लिए प्रार्थना की है। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हुई है, जबकि छह अन्य की हालत स्थिर बताई गई है।
नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग ने सोमवार को एक्स पोस्ट में अपनी शोक संवेदना में कहा कि वह सत्य निकेतन में हुई दुखद इमारत ढहने की घटना से स्तब्ध है। उच्चायोग ने मृतकों के परिवारों और उनके प्रियजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उसने कहा कि उसकी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं घायलों तथा उन लोगों के साथ हैं, जिनके अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। इस कठिन घड़ी में वह हादसा प्रभावित और संकट में फंसे सभी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ एकजुटता से खड़ा है।
यह हादसा छह सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास सत्य निकेतन इलाके में स्थित करीब 40-50 वर्ष पुरानी पांच मंजिला पीजी हॉस्टल इमारत ‘हॉस्टल डेज’ में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। बेसमेंट में पानी जमा होने और पुरानी संरचना में चल रहे मरम्मत कार्य के दौरान इमारत की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित होने से यह हादसा हुआ।
हादसे के बाद मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई थी। शुरुआती रिपोर्टों में 15 से 50 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी। बचाव अभियान के दौरान अब तक 12 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग जीवित हैं और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। सभी घायलों का उपचार जारी है और उनके परिजनों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत कई एजेंसियां राहत और बचाव अभियान में लगी हुई हैं। घटनास्थल पर मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का काम लगातार जारी है।
हादसे के संबंध में इमारत के मालिक के खिलाफ कथित लापरवाही को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस हादसे के कारणों और निर्माण एवं मरम्मत कार्य से जुड़े सुरक्षा मानकों की भी जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार