गैरमराठी बस चालक सिखे मराठी भाषा: प्रताप सरनाईक

 


मुंबई, 11 जुन (हि.स.) । महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री तथा शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने आग्रह किया है कि, गैरमराठी भाषी बस चालको को मराठी भाषा सिखनी चाहिए। साथ ही सरनाईक ने कहा कि, चालको को यात्रियों से मराठी भाषा मे ही संवाद करना चाहिए। इस बारे मे परिवहन मंत्री ने एक खुला पत्र जारी कर जनसमर्थन और सहयोग कि अपित कि है।

अपने पत्र में परिवहन मंत्री ने कहा कि मराठी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति, पहचान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण और सम्मान की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कार्यरत प्रत्येक व्यावसायिक यात्री वाहन चालक के लिए व्यवहारिक मराठी का ज्ञान समय की आवश्यकता बन गया है। यदि चालक यात्रियों के साथ मराठी में संवाद करेंगे, तो इससे न केवल भाषा का संवर्धन होगा, बल्कि सामाजिक संबंध भी अधिक आत्मीय, सौहार्दपूर्ण और प्रभावी बनेंगे। सरनाईक ने जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं होती, बल्कि वह संस्कृति, परंपराओं, मूल्यों और सामाजिक पहचान को संजोने का माध्यम भी है। इसलिए दैनिक जीवन और व्यवहार में मराठी भाषा का अधिकाधिक उपयोग होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि मुंबईसमेत राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गैरमराठी चालक यात्री परिवहन सेवाओं में कार्यरत हैं। यदि ये चालक मराठी सीखकर यात्रियों से मराठी में संवाद करना शुरू करें, तो यह भाषा के सम्मान और सामाजिक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।परिवहन मंत्री ने कहा कि अपने राज्य में नागरिक और यात्री के रूप में मराठी भाषा के उपयोग पर जोर देना स्वाभाविक है। अब समय आ गया है कि मराठी के प्रति गर्व और उसके नियमित उपयोग की भावना हर व्यक्ति में विकसित की जाए।

उन्होंने मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाचार पत्रों, समाचार चैनलों और डिजिटल माध्यमों द्वारा इस पहल को व्यापक प्रचार मिलने से मराठी सीखने का अभियान अधिक प्रभावी और जन-आंदोलन का रूप ले सकता है। इससे मराठी संवाद संस्कृति को नया बल मिलेगा और जनजागरूकता का संदेश राज्य के कोने-कोने तक पहुंचेगा।

अंत में सरनाईक ने सभी नागरिकों से मराठी भाषा, मराठी संस्कृति और महाराष्ट्र की अस्मिता के सम्मान के लिए एकजुट होकर इस पहल को सफल बनाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी