संस्कृत विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह 06 अक्टूबर को

 


नई दिल्ली, 04 अक्टूबर (हि.स.)। श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली का द्वितीय दीक्षांत समारोह 06 अक्टूबर को आयोजित होगा। समारोह में करीब 1500 विद्यार्थी शामिल होंगे। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत संबोधन देंगे, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

समारोह की तैयारियों को लेकर रविवार को विश्वविद्यालय के वाचस्पति सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने आयोजन की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी विश्वविद्यालय की पहचान उसके भवनों या संसाधनों से नहीं, बल्कि वहां से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थियों की प्रतिभा, संस्कार, उपलब्धियों और समाज के प्रति योगदान से होती है।

कुलपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्रदान करने का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और शैक्षणिक उपलब्धियों के सम्मान का अवसर है। उपाधि के साथ विद्यार्थियों पर समाज और राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारियां भी आती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान को संस्कार, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़कर राष्ट्रहित में योगदान देने का आह्वान किया।

60 विभागीय टॉपरों को मेडल

प्रो. पाठक ने बताया कि समारोह में प्रत्येक विभाग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 60 विद्यार्थियों को मेडल प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय में सर्वोच्च शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ शंकर दयाल शर्मा की स्मृति में शंकर दयाल शर्मा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इन तीन विद्यार्थियों का चयन वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अध्ययन पूरा करने वाले विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर किया गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, संवेदनशील और उत्तरदायी व्यक्तित्व का निर्माण करना है। भारतीय ज्ञान-परंपरा में शिक्षा को जीवन-मूल्यों और लोककल्याण से जोड़ा गया है। विश्वविद्यालय इसी परंपरा को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान और समकालीन आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहा है।

दिसंबर 2023 में हुआ था पहला दीक्षांत समारोह

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह दिसंबर 2023 में आयोजित हुआ था। उन्होंने कहा कि दूसरा दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह विद्यार्थियों की उपलब्धियों के सम्मान के साथ भारतीय ज्ञान-परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।

प्रेस वार्ता में दीक्षांत समारोह अनुश्रवण समिति के अध्यक्ष प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी, वित्त अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव और प्रचार-प्रसार समिति के अध्यक्ष प्रो. अशोक थपलियाल सहित विश्वविद्यालय के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कार से समृद्ध करते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान के लिए तैयार करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय