सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान होगाः मेघवाल

 




नई दिल्ली, 26 अगस्त(हि.स.)। केंद्रीय कानून एवं न्यायमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ी तो कानून में आवश्यक संशोधन होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (रासकआ) इस संबंध में जल्द मसौदा प्रस्तुत करे। मेघवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष भी पैरवी करेंगे।

उन्होंने यह घोषणा बीते दिवस राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के स्थापना दिवस के 32 वर्ष पूर्ण होने की खुशी में राष्ट्रीय राजधानी में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मनाए गए समारोह में की। समारोह का नेतृत्व आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने कया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से सफाई कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों के नेताओं और वाल्मीकि समाज से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस मौके पर गिल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बधाई संदेश भी पढ़ा।

समारोह में मुख्य अतिथि अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि वाल्मीकि समाज के अदृश्य नायकों की याद में केंद्र सरकार जल्द ही एक स्मारक का निर्माण कराएगी। इस स्मारक में सामाजिक, धार्मिक तथा स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीरों की तस्वीरें लगाई जाएंगी। मेघवाल ने कहा कि स्थापना दिवस केवल किसी संस्थान की यात्रा का जश्न नहीं है, बल्कि यह उन लाखों सफाई कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करने का भी अवसर है जो हर दिन देश के शहरों, गांवों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को साफ और सुरक्षित रखते हैं।

मेघवाल ने कहा कि जैसे-जैसे भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है, इसकी सफाई व्यवस्था भी उसी तरह आधुनिक, वैज्ञानिक, तकनीक-संचालित और पूरी तरह मानव सम्मान के अनुरूप होनी चाहिए और किसी भी मानव जीवन को उस काम के लिए खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए जिसे मशीन सुरक्षित रूप से कर सकती है।

समारोह को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारितामंत्री रामदास अठावले ने भी संबोधित किया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाली योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों की सेहत की सुरक्षा, पर्यावरण की सफाई बनाए रखने और देश की पूरी भलाई को बढ़ावा देने में सफाई कर्मचारियों के कीमती योगदान सराहना की। अठावले ने जोर दिया कि हर सफाई कर्मचारी इज्जत, सुरक्षा, बराबर मौके और सामाजिक न्याय का हकदार है। उन्होंने कहा कि असुरक्षित तरीकों की जगह टेक्नोलॉजी को लाना होगा। बंद जगहों में खतरनाक एंट्री की जगह मशीनीकरण को लाना होगा। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने कहा कि सफाई कर्मचारी देश की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सफाई कर्मचारियों की मेहनत के कारण देश के शहर और गांव स्वच्छ दिखते हैंम। इसलिए उन्हें केवल सफाई सेवा से जुड़े कर्मचारी के रूप में नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन के अधिकार के साथ देखा जाना चाहिए।

समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के साथ की गई। इस अवसर पर सफाई कर्मचारियों की सुविधा के लिए मिस्ड कॉल नंबर और प्रधानमंत्री मोदी की सफाई कर्मचारियों के साथ तस्वीर वाला कैलेंडर भी जारी किया गया। आयोग के सदस्य करम सिंह करमाऔर सांसद अनूप प्रधान ने भी विचार रखे। 1994 में आयोग के गठन के बाद से सफाई कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित अपनी तरह का यह पहला कार्यक्रम रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद