साहित्य अकादमी ने तीन साहित्यकारों को महत्तर सदस्यता प्रदान करने की घोषणा की

 




नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। दिल्ली स्थित साहित्य अकादमी ने साहित्योत्सव के शुभारंभ पर देश के तीन दिग्गज साहित्यकारों को अपनी सर्वोच्च गरिमा 'महत्तर सदस्यता' देने की घोषणा की। अकादमी की सामान्य परिषद की बैठक में ओडिया लेखिका डॉ. प्रतिभा राय, सिंधी कथाकार लख्मी खिलाणी और उर्दू लेखक अब्दुस समद के नामों को चुना गया है।

अकादमी के अनुसार 'महत्तर सदस्यता' को भारतीय साहित्य जगत का सबसे दुर्लभ और विशिष्ट सम्मान माना जाता है। यह सम्मान केवल उन 'अमर विभूतियों' को दिया जाता है जिन्होंने अपनी लेखनी से भारतीय साहित्य को नई ऊंचाइयां दी हों।

साहित्य अकादमी की सचिव पल्लवी प्रशांत होळकर के मुताबिक पद्म भूषण से अलंकृत डॉ. प्रतिभा राय एक ओडिया लेखिका एवं विदुषी हैं। उनके सृजन का भंडार 50 से अधिक कृतियों का विशाल संग्रह है। उनके दीर्घ एवं गौरवपूर्ण साहित्यिक जीवन में पद्म भूषण, ज्ञानपीठ पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा सारला पुरस्कार सहित अनेक सम्मान, पुरस्कार एवं अभिनंदन प्राप्त हुए हैं।

वहीं, लख्मी खिलाणी (लख्मीचंद भीर्योमल खिलाणी) एक सिंधी कथाकार, नाटककार, अनुवादक, संपादक एवं विद्वान हैं। उनके प्रकाशित सृजन में 24 से अधिक कृतियां तथा कई लेख शामिल हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार तथा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार सहित अन्य अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं।

इसके अलावा अब्दुस समद एक प्रख्यात उर्दू लेखक एवं कवि हैं। उनके सृजन का कोश 24 से अधिक कृतियों का समृद्ध भंडार है। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, ग़ालिब पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद पुरस्कार तथा उर्दू अकादमी का लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं।

साहित्य अकादमी इन विशिष्ट साहित्यकारों को साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता प्रदान कर गौरव का अनुभव कर रही है। यह महत्तर सदस्यता एक विशेष समारोह में बाद में प्रदान की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को साहित्य अकादमी ने दिल्ली में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले ‘साहित्योत्सव 2026’ का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक ने किया। रवींद्र भवन परिसर में 30 मार्च से 4 अप्रैल तक आयोजित इस साहित्योत्सव में 100 से अधिक सत्रों में 650 से अधिक प्रसिद्ध लेखक और विद्वान सहभागिता कर रहे हैं। इसमें देश की 50 से अधिक भाषाओं का भी प्रतिनिधित्व होगा।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी