सफदरजंग अस्पताल में पहली सफल रोबोटिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी

 




नई दिल्ली, 23 अगस्त (हि.स.)। सफदरजंग अस्पताल ने उन्नत हड्डी रोग उपचार में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय हड्डी रोग संस्थान ने 22 अगस्त को पहली रोबोट सहायता से पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक की। यह सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क की गई। मरीज 75 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक थे।

अस्पताल की ओर से रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार नई रोबोटिक प्रणाली को भविष्य में उन्नत किया जा सकता है। इससे पूर्ण और आंशिक घुटना प्रत्यारोपण के साथ कूल्हे के जोड़ का प्रत्यारोपण भी किया जा सकेगा। तकनीकी और सॉफ्टवेयर उन्नयन के बाद रोबोट सहायता प्राप्त रीढ़ की सर्जरी की सुविधा भी विकसित की जा सकती है।

रोबोटिक तकनीक से सर्जरी से पहले अधिक सटीक योजना बनाने और प्रत्यारोपण की स्थिति तथा शरीर के जोड़ के संतुलन को बेहतर ढंग से तय करने में मदद मिलती है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उन्नत उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

इस पहल को वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल की निदेशक कविता शर्मा के नेतृत्व, सहयोग और प्रोत्साहन में किया गया। सर्जरी केंद्रीय हड्डी रोग संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ. सुमित सुराल के चिकित्सकीय मार्गदर्शन में हुई। ऑपरेशन टीम का नेतृत्व सलाहकार प्रोफेसर एवं यूनिट प्रमुख डॉ. भगवती प्रसाद शर्मा ने किया। सर्जरी में डॉ. ध्रुवे मैनी और डॉ. कार्तिक यादव ने सहयोग किया। एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. सुशील गुरिया ने किया। ऑपरेशन थिएटर की नर्सिंग टीम में सिस्टर रेखा और रितिका तथा तकनीकी टीम में विजेंद्र शामिल रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा