विपक्ष के शोरगुल के बीच राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा में राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी। एक बार स्थगित होने के बाद दोपहर 12 बजे सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू कराई, लेकिन विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी और वेल में आने के कारण कार्यवाही फिर दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
कार्यवाही शुरू होते ही सभापति राधाकृष्णन ने विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर बैठने और सदन को नियमानुसार चलने देने की अपील की। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करते हुए उन्होंने राजद सदस्य मनोज झा को प्रश्न पूछने के लिए आमंत्रित किया। मनोज झा के प्रश्न का उत्तर उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन के पटल पर रखा।
इसी दौरान विपक्षी सदस्य राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। सभापति ने उन्हें बार-बार चेतावनी देते हुए अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा जारी रहा। शोरगुल के बीच मध्यप्रदेश से भाजपा सदस्य कविता पाटीदार, बिहार से भाजपा सदस्य भीम सिंह और उत्तर प्रदेश से भाजपा सदस्य रतनजीत प्रताप नारायण सिंह (आरपीएन सिंह) एवं अन्य सदस्यों ने प्रश्न पूछे। इनके प्रश्नों का उत्तर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रमवार दिया।
हंगामा जारी रहने पर सभापति ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि जिस राम मंदिर चढ़ावा मामले पर वे चर्चा की मांग कर रहे हैं, वह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय है, न कि केंद्र का। इसलिए नियमों के तहत उस विषय पर सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे और वेल से वापस नहीं लौटे। लगातार व्यवधान के बीच सभापति ने सदन में व्यवस्था बनाए रखना असंभव बताते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर