जेपी नड्डा ने की आरएमएल अस्पताल की सेवाओं की समीक्षा, डिजिटल हेल्थ और मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर

 




नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (हि.स.)।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) की स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों की सुविधाओं, चिकित्सा शिक्षा, शोध और बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, विद्यार्थियों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने तथा स्वच्छता और लंबित मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, आरएमएल अस्पताल में वर्ष 2025 के दौरान 19.4 लाख ओपीडी मरीज पहुंचे। इस अवधि में 82,500 से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि 96,600 से ज्यादा सर्जरी और अन्य चिकित्सा प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अस्पताल में फिलहाल मरीजों के उपचार से जुड़े 30 क्लिनिकल विभाग और आठ प्री-क्लिनिकल एवं पैराक्लिनिकल विभाग संचालित हैं।

आरएमएल अस्पताल ने वर्ष 2025 में नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से पूर्ण मान्यता हासिल की। इसके साथ ही यह उपलब्धि प्राप्त करने वाला पहला केंद्रीय सरकार का बहु-विशेषता अस्पताल बना। अस्पताल में उपचार की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए पंजीकरण और मरीजों की प्राथमिक जांच की प्रक्रिया मजबूत की गई है। इसके अलावा क्लिनिकल और प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट, चिकित्सा संबंधी घटनाओं की रिपोर्टिंग, दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी और मरीजों से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी की जा रही है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लाभार्थियों की सुविधा के लिए अस्पताल में योजना से जुड़े कियोस्क की संख्या एक से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। योजना के तहत प्री-ऑथराइजेशन अनुरोधों की संख्या वर्ष 2022 में 549 थी, जो 2025 में बढ़कर 1,516 हो गई।

डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

समीक्षा बैठक में

जेपी नड्डा ने अस्पताल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल स्वास्थ्य मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ई-प्रिस्क्रिप्शन और अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि डिजिटल तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति में सुधार किया जा सकता है।

मंत्री ने प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों के अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियों का उपयोग बड़े स्वास्थ्य ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाते समय करने की भी सलाह दी।

विद्यार्थियों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की अपील

बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा संस्थानों में विद्यार्थियों और शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और पेशेवर जिम्मेदारियों से जुड़ा तनाव मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में सहयोगपूर्ण व्यवहार, खुला संवाद और लगातार मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।

अस्पताल में विद्यार्थियों की नियमित मानसिक स्वास्थ्य जांच और शिक्षकों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। नड्डा ने संस्थान में प्रोजेक्ट सारथी लागू करने को प्रोत्साहित किया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

स्वच्छता और लंबित मामलों के निस्तारण की समीक्षा

जेपी नड्डा ने अस्पताल में विशेष अभियान 6 के तहत चल रही गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छता को संस्थागत कार्यप्रणाली का स्थायी हिस्सा बनाने, लंबित मामलों को कम करने और रिकॉर्ड के प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया। साथ ही अस्पताल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और मरीजों के अनुकूल बनाए रखने की आवश्यकता बताई।

बैठक में अस्पताल की शोध गतिविधियों और शैक्षणिक योगदान पर भी चर्चा हुई। संस्थान में अब तक 2,200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की भविष्य की योजना में डिजिटल और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, सैटेलाइट क्लीनिकों के माध्यम से सामुदायिक पहुंच बढ़ाने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी और पर्यावरण के अनुकूल स्वास्थ्य ढांचे के विकास को शामिल किया गया है।

समीक्षा बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक एल.जी. कृष्णा, संयुक्त सचिव जी.एस. चित्रा, एबीवीआईएमएस एवं आरएमएल अस्पताल की निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (प्रो.) विवेक दीवान सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी