आरएमएल अस्पताल में अत्याधुनिक एचआईएफईएम थेरेपी सिस्टम की शुरुआत, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

 


नई दिल्ली, 03 अगस्त (हि.स.)। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में अत्याधुनिक हाई-इंटेंसिटी फोकस्ड इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (एचआईएफईएम) थेरेपी सिस्टम की शुरुआत की गई। इस नई तकनीक से मांसपेशियों को मजबूत बनाने, उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और मरीजों के जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलेगी।

इस प्रणाली का सोमवार को उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद ने चिकित्सा अधीक्षक ने किया। इस मौके पर डॉ. विवेक देवान, प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु महापात्रा, फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा सेठी, विभाग के शिक्षकों, फिजियोथेरेपिस्टों और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में एचआईएफईएम थेरेपी सिस्टम का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें मांसपेशियों को मजबूत बनाने, न्यूरोमस्कुलर सक्रियण और पुनर्वास में इसके उपयोग को दिखाया गया।

एचआईएफईएम तकनीक बिना किसी ऑपरेशन या दर्द के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा की मदद से शरीर की गहरी मांसपेशियों को सक्रिय करती है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शरीर का संतुलन बेहतर होता है और मरीज की सामान्य गतिविधियां करने की क्षमता में सुधार आता है। यह पारंपरिक फिजियोथेरेपी का प्रभावी सहयोगी उपचार है।

यह तकनीक स्ट्रोक, लंबे समय से कमर दर्द, हड्डी या जोड़ की सर्जरी के बाद पुनर्वास, खेल के दौरान लगी चोट, घुटने की समस्याओं, बढ़ती उम्र में मांसपेशियों की कमजोरी और पेल्विक फ्लोर से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। इस अवसर पर निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद ने कहा, “एचआईएफईएम थेरेपी सिस्टम की शुरुआत हमारे संस्थान की आधुनिक और वैज्ञानिक आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इससे मरीजों को और बेहतर उपचार मिलेगा।”

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक देवान और प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु महापात्रा ने कहा कि इस नई तकनीक के शामिल होने से फिजियोथेरेपी सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर होगी तथा मरीजों के उपचार के परिणाम भी अधिक प्रभावी होंगे।

फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. पूजा सेठी ने कहा कि एचआईएफईएम सिस्टम विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे गहरी मांसपेशियों को प्रभावी ढंग से सक्रिय किया जा सकेगा, मरीज जल्दी स्वस्थ होंगे, उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां आसान होंगी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

फिजियोथेरेपी विभाग प्रतिदिन बड़ी संख्या में बाह्य और भर्ती मरीजों को उपचार उपलब्ध कराता है। विभाग आधुनिक तकनीकों, व्यक्तिगत व्यायाम कार्यक्रमों, मैनुअल थेरेपी और उन्नत इलेक्ट्रोथेरेपी के माध्यम से लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है। इस थेरेपी सिस्टम के जुड़ने से मरीजों को और अधिक आधुनिक तथा बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी