कोलकाता में सोमवार को होगी मत्स्य पालन और जलीय कृषि के विकास पर समीक्षा बैठक
नई दिल्ली, 20 सितंबर (हि.स.)। भारत सरकार का मत्स्य पालन विभाग, पश्चिम बंगाल में मत्स्य पालन और जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) के विकास पर एक समीक्षा बैठक करेगा। यह बैठक सोमवार (21 सितंबर) को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में होगी।
विभाग ने रविवार को अपने बयान में बताया कि इस समीक्षा बैठक की सह-अध्यक्षता मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज के केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी करेंगे। एक दशक से भी अधिक समय के बाद पश्चिम बंगाल में मत्स्य पालन की अपार संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने के उद्देश्य से यह शीर्ष स्तर की मत्स्य पालन समीक्षा बैठक की जा रही है।
इस समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य पालन विभाग और पशु संसाधन विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश महाता भी मौजूद रहेंगे। इसमें भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग, पश्चिम बंगाल राज्य मत्स्य पालन विभाग, नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड, आईसीएआर संस्थानों, नेशनल ब्यूरो ऑफ़ फिश जेनेटिक रिसोर्सेज़, सीआईएफई, नेशनल बैंक ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट, नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, कोस्टल एक्वाकल्चर अथॉरिटी, एक्सपोर्ट इंस्पेक्शन काउंसिलऔर मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटीके अधिकारी भी शामिल होंगे।
विभाग ने बयान में कहा कि यह बैठक पश्चिम बंगाल में अलग-अलग योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करने और राज्य के भविष्य के विकास के लिए मुख्य क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करने का एक व्यापक मंच प्रदान करेगी। भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के मत्स्य पालन विभागों की प्रस्तुतियों और प्रमुख मत्स्य पालन अनुसंधान, नियामक और वित्तीय संस्थानों के साथ बातचीत से उत्पादन बढ़ाने, एक्वाकल्चर के विस्तार, तकनीक अपनाने, बुनियादी ढांचे के विकास, संस्थागत सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा आसान होगी। इसके बाद पश्चिम बंगाल में इंटीग्रेटेड रिज़र्वॉयर डेवलपमेंट (एकीकृत जलाशय विकास) के लिए प्रशासनिक मंजूरी सौंपी जाएगी।
इन चर्चाओं से प्राथमिकता वाले कामों की पहचान करने और पश्चिम बंगाल में मत्स्य पालन क्षेत्र के टिकाऊ और समावेशी विकास को तेज़ी देने के लिए केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामानुज शर्मा