राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ जीतेंद्र मिश्रा के नाम से वायरल शराब पीकर नाचने का वीडियो फर्जी, नवंबर 2025 का निकला

 






नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त पूर्णकालिक सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल किया जा रहा एक वीडियो फर्जी निकला है। वीडियो में एक व्यक्ति शराब की बोतल या गिलास सिर पर रखकर उत्साह में नाचता दिखाई दे रहा है। दावा किया गया कि राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नियुक्त होने के बाद जीतेंद्र मिश्रा शराब पीकर पार्टी कर रहे हैं। हालांकि, जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति जीतेंद्र मिश्रा नहीं है और यह वीडियो उनकी नियुक्ति से करीब 10 महीने पहले नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था।

फैक्ट चेक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने गलत व्यक्ति को राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के रूप में पेश किए जाने पर आपत्ति जताई। कुछ यूजर्स ने अयोध्या पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस से भी कार्रवाई की मांग की। एक पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि वीडियो में नाच रहा व्यक्ति राम मंदिर के सीईओ नहीं है और फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रश्मि नाम के एक्स हैंडल ने साझा किया। पोस्ट में लिखा गया, “पहले चंदा गिनने वाले चोरी करते थे, अब सीईओ पार्टी मना रहा है। मंदिर को कॉर्पोरेट बना दिया भाई, डांस फ्लोर भी लग गया।” पोस्ट के साथ दावा किया गया कि वीडियो में जीतेंद्र मिश्रा को शराब पीते और नाचते हुए देखा जा सकता है। उपलब्ध सोशल मीडिया रिकॉर्ड के मुताबिक इस पोस्ट को काफी संख्या में लोगों ने देखा और साझा किया।

इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) सोशल मीडिया अभियान के संस्थापक अभिजीत दिपके के एक्स हैंडल से भी वीडियो को साझा किया गया। दिपके ने वीडियो को कोट करते हुए कहा कि व्यक्तिगत जीवन में कुछ गलत नहीं है, लेकिन सवाल उठाया कि यदि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ नहीं होता तो कथित तौर पर “धर्म के ठेकेदार” कैसी प्रतिक्रिया देते।

हालांकि, स्वतंत्र फैक्ट चेक के दौरान वीडियो की पड़ताल की गई तो इसकी असलियत सामने आई। रिवर्स इमेज और वीडियो के कीफ्रेम की तलाश में इसका पुराना स्रोत सामने आया। उपलब्ध जांच के अनुसार वीडियो इंस्टाग्राम पर विकाश राणा (@वीकेराणा789) के अकाउंट से 3 नवंबर 2025 को साझा किया गया था। उस समय पोस्ट में वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति को 'कैप्टन साहब' बताया गया था। यानी वीडियो जीतेंद्र मिश्रा की राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के तौर पर नियुक्ति से करीब दस महीने पहले ही इंटरनेट पर मौजूद था।

वायरल वीडियो और जीतेंद्र मिश्रा की तस्वीरों की तुलना करने पर भी दोनों व्यक्तियों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। जीतेंद्र मिश्रा के सिर पर बाल नहीं हैं और उनके चेहरे की बनावट तथा मूंछें भी अलग हैं, जबकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति के बाल हैं और चेहरे की संरचना अलग है। इस आधार पर यह दावा गलत साबित होता है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ जीतेंद्र मिश्रा हैं।

जीतेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त किए जाने की घोषणा 2 सितंबर 2026 को हुई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद पुराने वीडियो को उनकी नियुक्ति से जोड़कर प्रसारित किया गया। इसी समय सोशल मीडिया पर यह दावा फैलाया गया कि वह अपनी नियुक्ति का जश्न शराब और नृत्य के साथ मना रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर