सिक्किम में एक दशक में दूध उत्पादन 79 प्रतिशत बढ़ा : राजीव रंजन सिंह
- सिक्किम में दूध उत्पादन 1.37 लाख से बढ़कर 2.45 लाख लीटर प्रतिदिन हुआ- डेयरी सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 733 हुई
गंगटोक, 03 नवंबर (हि.स.)। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सिक्किम के डेयरी क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की है। उन्होंने डेयरी सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने, दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसानों की आजीविका में सुधार लाने पर जोर दिया।
मंगलवार को गंगटोक के तादोंग स्थित सिक्किम सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के दौरे के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने राज्य के डेयरी क्षेत्र में पिछले एक दशक के दौरान हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अवधि में सिक्किम का दैनिक दूध उत्पादन 79 प्रतिशत बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में जहां प्रतिदिन 1.37 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 2.45 लाख लीटर हो गया है।
मंत्री ने बताया कि डेयरी सहकारी समितियों की संख्या भी वित्त वर्ष 2014-15 के 389 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 733 हो गई है। इन समितियों से जुड़े डेयरी किसानों की संख्या करीब 10 हजार से बढ़कर 16 हजार हो गई है। वहीं, दूध संग्रहण की मात्रा प्रतिदिन 17 हजार लीटर से बढ़कर 61 हजार लीटर तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े राज्य में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाते हैं।
सहकारी नेटवर्क के विस्तार को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और व्यवस्थित डेयरी सहकारी संस्थाएं किसानों को दूध का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने, नियमित परीक्षण के जरिये गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बढ़ते उत्पादन और बाजार की मांग को देखते हुए दूध संग्रहण, शीतलीकरण तथा प्रसंस्करण से जुड़े बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
केंद्रीय मंत्री ने पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ेगी और डेयरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। देश के डेयरी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है। उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र के डेयरी किसानों को लगातार सहयोग देने की आवश्यकता भी बताई।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सिक्किम मिल्क यूनियन के प्रसंस्करण केंद्र में सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने डेयरी उत्पादों और उनसे जुड़ी पहलों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में करफेक्टार स्थित सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशाला का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही छुरपी की उत्पादन एवं आपूर्ति के लिए पहचान प्रणाली शुरू की गई। ‘फोडर प्लस’ किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के उत्पादों का लोकार्पण किया गया और नवगठित पांच डेयरी सहकारी समितियों को पंजीकरण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में सिक्किम सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा सेवा विभाग के मंत्री पुरण कुमार गुरूंग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, संस्कृति तथा आयुष विभाग के मंत्री जीटी ढुंगेल, विधायक एनबी प्रधान और विभिन्न विभागों के प्रमुख उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung