देश के इनोवेशन ईको सिस्टम में राजस्थान का योगदान अहम : निर्मला सीतारमण

 




जयपुर, 13 अगस्त (हि.स.)। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्टार्टअप तभी आगे बढ़ता है, जब उसे आवश्यक अनुदान और सरकार का सहयोग मिले। युवाओं को अपने स्टार्टअप विचारों को धरातल पर उतारने और उनसे आमजन को लाभान्वित करने के लिए सही दिशा में मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप सेवाओं को बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाना चाहिए। केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से इसके लिए नीतिगत और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

सीतारमण गुरुवार को जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राजस्थान यूथ कॉन्क्लेव को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए हैं। भारत के इनोवेशन ईको सिस्टम में राजस्थान महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और प्रदेश के स्टार्टअप्स की उपलब्धियों से देश-दुनिया को परिचित कराया जाना चाहिए।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 के बाद वित्तीय समावेशन को गति देने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू की। इसके तहत परिवार के एक सदस्य का बैंक खाता खोलना सुनिश्चित किया गया। आज इन बैंक खातों के माध्यम से होने वाले वित्तीय लेन-देन से आमजन को ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न स्टार्टअप्स के संस्थापकों से संवाद कर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने वाले उनके विचारों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने राजीविका से जुड़ी महिला से भी संवाद किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने, नई संभावनाएं तलाशने और अपने सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव अवसर एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार का संकल्प है। युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 में राजस्थान के स्टार्टअप्स में करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, जो अब बढ़कर 1,054 करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार स्टार्टअप्स से जुड़े रोजगार के अवसर 22 हजार से बढ़कर 49 हजार से अधिक हो गए हैं। पिछले ढाई साल में राजस्थान स्टार्टअप कार्यक्रम के तहत 4,828 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए बांसवाड़ा में ट्राइबल इन्क्यूबेशन सेंटर शुरू किया गया है। इसके साथ प्रदेश में इन्क्यूबेशन सेंटर्स की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। आई-स्टार्ट कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के 33 जिलों तक किया गया है। चयनित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में 65 आई-स्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 1.29 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है। तीन हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थानों में चार हजार से अधिक आउटरीच सत्र आयोजित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यटन, खनन और जनसेवा जैसे क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए युवाओं और नवाचारकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए साढ़े सात करोड़ रुपये तक की अनुदान सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी जैसे नए क्षेत्रों की संभावनाओं को देखते हुए एवीजीसी-एक्सआर नीति लागू की गई है। अटल इनोवेशन स्टूडियो एंड एक्सीलरेटर के माध्यम से एआई, एवीजीसी-एक्सआर, गेमिंग और रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम किया जा रहा है। जयपुर में हब तथा बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर में क्षेत्रीय केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई के क्षेत्र में राजस्थान को अग्रणी बनाने के लिए राजस्थान एआई-एमएल नीति 2026 जारी की गई है। इसके माध्यम से एआई और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नवाचार, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। युवा एआई फोर ऑल कार्यक्रम के तहत करीब चार हजार सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिकों को व्हाट्सऐप के माध्यम से ई-मित्र की 27 श्रेणियों में 51 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आने वाले समय में 58 और सेवाएं चरणबद्ध तरीके से व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जयपुर में ब्रह्मगुप्त सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राजस्थान स्टार्टअप क्वेस्ट 2026 और सिंगल हॉलिस्टिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल का डिजिटल शुभारंभ किया। जोधपुर एवं उदयपुर में डिजिटल प्लेनेटेरियम के शिलान्यास के साथ जयपुर में 7डी थिएटर, न्यूक्लियर पावर गैलरी तथा उदयपुर के उप क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में आई-स्टार्ट सुविधा डेस्क स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के साथ एमओयू किया गया। स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और डीओआईटी के बीच भी एमओयू हुआ।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण के 33,806 लाभार्थियों को केंद्रीय एवं राज्य अनुदान के तहत 182.08 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत राजीविका स्वयं सहायता समूहों की 2,670 लखपति दीदियों के लिए 22 करोड़ रुपये की ऋण राशि तथा पीएम स्वनिधि योजना के तहत 3,011 पथ विक्रेताओं को 5.64 करोड़ रुपये की ऋण राशि के चेक सौंपे गए। प्रदेश के 33 स्टार्टअप्स को 50 करोड़ रुपये की फंडिंग भी प्रदान की गई।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक संजय अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारी, स्टार्टअप्स फाउंडर्स और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर