तेज, सुरक्षित और आधुनिक बन रहा भारतीय रेल नेटवर्क, आमजन की जरूरतों पर विशेष ध्यान: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 17 मार्च (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में मंगलवार को कहा कि भारतीय रेल अब “धीमी वृद्धि” के दौर से निकलकर “सुपर-फास्ट ट्रांसफॉर्मेशन” के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि रेलवे को तेज, सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक बनाते हुए सरकार आमजन और मध्यम वर्ग की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है।
रेल मंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए बताया कि इस बार रेलवे को लगभग 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट आवंटन मिला है। उन्होंने कहा कि रेलवे बजट को सामान्य बजट में विलय करने से निवेश में वृद्धि, निर्णय प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता में सुधार जैसे बड़े बदलाव आए हैं।
उन्होंने बताया कि भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 1.37 लाख किलोमीटर तक फैल चुका है और प्रतिदिन 25,500 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। पिछले वर्षों में माल ढुलाई क्षमता भी बढ़कर 1650 मिलियन टन तक पहुंच गई है, जिससे यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल परिवहन नेटवर्क बन गया है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नॉन-एसी कोचों की संख्या अधिक रखी गई है और करीब 70 प्रतिशत डिब्बे जनरल और स्लीपर श्रेणी के हैं। उन्होंने बताया कि सरकार हर यात्री टिकट पर लगभग 45 प्रतिशत सब्सिडी देती है, जिससे यात्रा सस्ती बनी रहती है।
रेल मंत्री ने बताया कि छोटे दूरी के यात्रियों के लिए 200 नई इंटरसिटी (मेमू) ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई के लिए 238 नई उपनगरीय ट्रेनें लाई जा रही हैं, जिनमें ऑटोमैटिक दरवाजा बंद होने की सुविधा होगी। इसके अलावा 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें और 60 अमृत भारत ट्रेनें पहले से संचालित हैं, जबकि 133 नई अमृत भारत ट्रेनों का निर्माण जारी है।
सुरक्षा के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे दुर्घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है। ‘कवच’ जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली को तेजी से लागू किया जा रहा है, जो अब हजारों किलोमीटर नेटवर्क पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में रेलवे में करीब 5 लाख नौकरियां दी गई हैं और हाल के दो वर्षों में 1.43 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। इसके साथ ही रेलवे परियोजनाएं लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न कर रही हैं।
स्टेशन आधुनिकीकरण के तहत लगभग 1300 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य चल रहा है, जिनमें से 180 स्टेशन पूरे हो चुके हैं और करीब 500 अंतिम चरण में हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक तकनीक, साफ-सफाई और डिजिटल सेवाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसमें 300 किलोमीटर से अधिक वायाडक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है और 2027 से चरणबद्ध संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत रेलवे परियोजनाओं की योजना वैज्ञानिक तरीके से बनाई जा रही है, जिससे देश में आर्थिक गतिविधियों और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
उन्होंने रेलवे के 12.5 लाख कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से ही भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा के रूप में मजबूती से आगे बढ़ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार