अश्विनी वैष्णव ने की आरआरबी भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा, पारदर्शिता और तकनीक आधारित भर्ती पर जोर
नई दिल्ली, 12 जून (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक तथा तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे की भर्ती प्रणाली को नई तकनीक, तेज प्रक्रियाओं और अधिक जवाबदेही के साथ लगातार बेहतर बनाया जाना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान छह प्रमुख श्रेणियों में विभिन्न भर्ती चक्रों के माध्यम से 43,781 अभ्यर्थियों को रोजगार दिया है। यह भर्ती 47,084 रिक्त पदों के लिए की गई चयन प्रक्रियाओं के तहत हुई है। इनमें 18,799 सहायक लोको पायलट (एएलपी), 14,298 तकनीशियन, 452 सब-इंस्पेक्टर, 4,208 कांस्टेबल, 7,951 जूनियर इंजीनियर/डीएमएस/सीएमए तथा 1,376 पैरामेडिकल पद शामिल हैं।
रेल मंत्री ने कहा कि वार्षिक भर्ती कैलेंडर और तिमाही आधार पर जारी होने वाली रिक्तियों की अधिसूचनाओं को अभ्यर्थियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इससे उम्मीदवारों को अपनी तैयारी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल रही है और भर्ती प्रक्रिया में ज्यादा स्पष्टता और निश्चितता आती है।
उन्होंने विभागीय परीक्षाओं को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली में लाने की प्रगति की भी समीक्षा की। वैष्णव ने निर्देश दिया कि जहां संभव हो, टैबलेट आधारित परीक्षाओं का दायरा बढ़ाया जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया और अधिक तेज, प्रभावी तथा अभ्यर्थी-अनुकूल बन सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि रेलवे की भर्ती परीक्षाएं देशभर के विभिन्न शहरों में अनेक केंद्रों पर आयोजित की जाती हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए परीक्षाएं कई शिफ्टों में तथा 15 भाषाओं में आयोजित की जाती हैं, जिससे सभी क्षेत्रों के उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।
रेल मंत्री ने रेलवे भर्ती बोर्डों को अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं का तुरंत खंडन किया जाना चाहिए ताकि उम्मीदवारों तक सही जानकारी पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया पर उनका विश्वास बना रहे।
उन्होंने दोहराया कि भारतीय रेलवे निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है तथा तकनीक, सुव्यवस्थित योजना और सतत सुधारों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रखेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार