भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन नियम बदले, रिफंड प्रणाली में सुधार से यात्रियों को राहत
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पहल के तहत भारतीय रेलवे में व्यापक सुधारों की घोषणा करते हुए टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों में बड़े बदलाव का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य अंतिम समय की सट्टेबाजी बुकिंग पर रोक लगाना, वास्तविक यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
रेल मंत्री वैष्णव ने रेल भवन में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पहले टिकट रद्द करने की समय-सीमा 48, 12 और 4 घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर क्रमशः 72, 24 और 8 घंटे कर दिया गया है। यह बदलाव अग्रिम आरक्षण चार्ट की तैयारी में हुए सुधारों के अनुरूप किया गया है, जो अब ट्रेन प्रस्थान से 9 से 18 घंटे पहले तैयार हो जाता है। इससे वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को बेहतर योजना बनाने का अवसर मिलेगा और खाली सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब ई-टिकट के लिए टिकट जमा रसीद (टीडीआर) दाखिल करने की आवश्यकता समाप्त कर दी गई है और टिकट रद्द होते ही रिफंड स्वतः प्रोसेस होगा। इसके अलावा, काउंटर टिकट अब देश के किसी भी रेलवे स्टेशन से रद्द कराए जा सकेंगे, जबकि पहले यह सुविधा केवल मूल स्टेशन तक सीमित थी।
यात्रियों की सुविधा को और बढ़ाते हुए रेलवे ने एक और बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत यात्री अब ट्रेन के प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने से पहले तक ही उपलब्ध थी। इसके अलावा, यात्री अब प्रस्थान से 30 मिनट पहले तक अपनी यात्रा श्रेणी (क्लास) भी अपग्रेड कर सकेंगे।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकटिंग प्रणाली में दुरुपयोग रोकने के लिए रेलवे ने तकनीकी उपायों को मजबूत किया है। बॉट्स और फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बुकिंग पर रोक लगाने के लिए उन्नत तकनीक लागू की गई है। आधार आधारित ओटीपी सत्यापन प्रणाली लागू करने और डेटा विश्लेषण के जरिए लगभग तीन करोड़ फर्जी आईआरसीटीसी खातों को हटाया गया है, जिससे टिकट उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
रेल मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में सुधारों की श्रृंखला ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत कुल नौ सुधार लागू किए जा चुके हैं, जिनमें पांच नए सुधार शामिल हैं। इन पांच सुधारों में दो माल ढुलाई (कार्गो), एक निर्माण और दो यात्री सुविधा से संबंधित हैं।
कार्गो क्षेत्र में नमक परिवहन को लेकर बड़ा सुधार किया गया है। भारत में हर वर्ष लगभग 3.5 करोड़ टन नमक का उत्पादन होता है, जिसमें से करीब 92 लाख टन रेल के माध्यम से परिवहन किया जाता है। इस क्षेत्र में रेल की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए स्टेनलेस स्टील से बने विशेष कंटेनर विकसित किए गए हैं, जिनमें टॉप-लोडिंग और साइड-डिस्चार्ज की सुविधा होगी। इससे जंग लगने की समस्या खत्म होगी, माल की हानि कम होगी और मल्टीमॉडल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
ऑटोमोबाइल परिवहन में भी रेलवे ने उद्योग को बड़ी राहत दी है। अब ऑटोमोबाइल कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार विशेष वैगन डिजाइन कर सकेंगी। वर्तमान में देश में हर वर्ष लगभग 3.1 करोड़ वाहन बनते हैं, लेकिन यात्री वाहनों के परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी केवल 24 प्रतिशत है। नए सुधारों से इस हिस्सेदारी में वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
रेल मंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सात बड़े बदलावों की भी घोषणा की। इसके तहत ठेकेदारों की पात्रता के मानदंड सख्त किए गए हैं, बोली सुरक्षा राशि को परियोजना लागत का दो प्रतिशत निर्धारित किया गया है और 10 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए बिड कैपेसिटी का आकलन अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा, भ्रष्टाचार और मिलीभगत रोकने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू किए गए हैं। उप-ठेके (सब-कॉन्ट्रैक्टिंग) की सीमा को 70 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे ठेकेदारों की जवाबदेही बढ़ेगी। अवास्तविक कम बोली लगाने पर अतिरिक्त पांच प्रतिशत प्रदर्शन गारंटी देना अनिवार्य किया गया है, ताकि परियोजनाओं में देरी और विवाद की स्थिति से बचा जा सके।
रेल मंत्री ने कहा कि इन सभी सुधारों का उद्देश्य रेलवे परियोजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने पूर्व में लागू सुधारों का भी उल्लेख किया, जिनमें ऑन-बोर्ड सेवाओं में सुधार, गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों का विस्तार, रेलटेक नीति और रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल का डिजिटलीकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य और अनारक्षित डिब्बों में सफाई व्यवस्था को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है और इसके लिए 86 ट्रेनों की पहचान की गई है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य परिचालन दक्षता बढ़ाना, यात्री सुविधा में सुधार करना और माल ढुलाई को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत किए गए ये कदम भारतीय रेलवे को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और यात्री-केंद्रित बनाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार