परभणी-मुदखेड़ रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम होगा अपग्रेड, वंदे भारत संचालन को मिलेगा बल

 

नई दिल्ली, 28 जुलाई (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने नेटवर्क क्षमता बढ़ाने और परिचालन दक्षता में सुधार के उद्देश्य से दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ मंडल के परभणी-मुदखेड़ दोहरी लाइन रेलखंड पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन को मंजूरी दी है। 163 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत विद्युत आपूर्ति से जुड़े आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे।

रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि परियोजना के तहत 164 ट्रैक किलोमीटर लंबे रेलखंड पर मौजूदा 1x25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन प्रणाली को अत्याधुनिक 2x25 केवी प्रणाली में परिवर्तित किया जाएगा। इसके साथ ही बढ़े हुए विद्युत भार को संभालने के लिए बिजली आपूर्ति अवसंरचना को भी सुदृढ़ किया जाएगा।

परभणी-मुदखेड़ रेलखंड रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हाईली यूटिलाइज्ड नेटवर्क (एचयूएन) रूट-9 का हिस्सा है, जो अजमेर-इंदौर-खंडवा-अकोला-पूर्णा-मुदखेड़-सिकंदराबाद-महबूबनगर-धोने को जोड़ता है।

मंत्रालय के अनुसार, ट्रैक्शन प्रणाली के उन्नयन से रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन के लिए अधिक विश्वसनीय और मजबूत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी और वंदेभारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन को भी बेहतर समर्थन मिलेगा।

रेलवे का कहना है कि यह परियोजना वर्ष 2029-30 तक 3,000 मिलियन टन माल ढुलाई के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही, यह उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों पर विद्युत अवसंरचना के आधुनिकीकरण और परिचालन दक्षता बढ़ाने की भारतीय रेलवे की सतत पहल का हिस्सा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार