राहुल गांधी बांग्लादेश की तरह चाहते हैं ‘रिजीम चेंज’ : प्रह्लाद जोशी
जयपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। केन्द्रीय शिक्षा, खाद्य एवं उपभोक्ता मामलात मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे भारत में बांग्लादेश की तरह ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री जोशी ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस भारत में भी बांग्लादेश जैसे हालात चाहती है, जहां हिंसा के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और हिंदुओं पर अत्याचार व हत्याओं की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का एकमात्र संवैधानिक रास्ता चुनाव है। लोकतंत्र भारत के डीएनए और संस्कारों में है और जनता अपने मताधिकार से सरकार चुनने में सक्षम है।
जोशी आज जयपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस को नकार चुकी है और राजनीतिक हताशा में राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर हुआ, जिनमें 10 बार कांग्रेस का शासन था। तब पार्टी को आपत्ति नहीं थी, लेकिन अब वह विरोध कर रही है। एसआईआर का उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को त्रुटिरहित बनाना है।
उन्होंने दावा किया कि करीब 13 करोड़ नामों में 2.80 करोड़ मृत, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित और करीब 3 करोड़ अनुपस्थित या लापता मतदाताओं के नाम शामिल हैं। पात्र नागरिक का नाम छूटने पर फॉर्म-6 से जुड़वाया जा सकता है। राजस्थान में करीब 13 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाने की उन्होंने जानकारी भी दी। उन्होंने राहुल गांधी की एसआईआर से पहले जैसी मतदाता सूची रखने की मांग को अनुचित बताते हुए कहा कि मृत लोगों के नाम सूची में कैसे रखे जा सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर घुसपैठियों के नाम जुड़वाकर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप भी लगाया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कर्नाटक में चार सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। देशभर की 28 सीटों में कांग्रेस को केवल एक और भाजपा नेतृत्व वाले राजग को 16 सीटें मिलीं। ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। त्रिपुरा और असम के स्थानीय निकाय चुनावों में भी कांग्रेस को हार मिली। इसके बावजूद पार्टी ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। उन्होंने न्यायपालिका, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा सभापति और निर्वाचन आयोग पर कांग्रेस की टिप्पणियों को भी अनुचित बताया।
उन्होंने नवीन चावला की निर्वाचन आयोग में नियुक्ति पर तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त गोपालस्वामी की आपत्ति, एमएस गिल के बाद में कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने और टीएन शेषन के राजनीति में आने का उल्लेख किया। आपातकाल के दौरान न्यायपालिका की स्वतंत्रता और न्यायाधीशों की वरिष्ठता की अनदेखी का आरोप भी लगाया।
जोशी ने कहा कि भारत ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। उनके अनुसार वर्ष 2014 में करीब 260 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब 2.40 लाख से अधिक हो गई है और इनसे 20 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार को देश की प्रगति बताया। कांग्रेस के हालिया प्रदर्शन से व्यापारियों को करीब 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि नवरात्रि और दीपावली जैसे त्योहारों के समय ही विरोध प्रदर्शन क्यों किए जाते हैं।
उन्होंने सोनिया गांधी के नागरिकता मिलने से पहले मतदाता बनने और राजस्थान में कांग्रेस विधायक के बेटे जयप्रकाश के दो स्थानों पर मतदाता बनने तथा अदालत का फर्जी आदेश बनाने से जुड़े मामले का आरोप भी उठाया। राहुल गांधी के नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार उन्हें लॉन्च और रिलॉन्च कर रही है, जबकि संगठन को लगातार काम की जरूरत है।
जोशी ने भारत के आंतरिक लोकतांत्रिक मामलों में विदेशी सहायता या हस्तक्षेप की बात को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध का अधिकार है, लेकिन चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम नहीं करना चाहिए। भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान जनता को जागरूक करने के लिए है। इस दौरान उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश