पंजाब निकाय चुनाव को लेकर भाजपा का आआपा पर वार, स्वराज के नारे से सत्ता में आई पार्टी ‘गुंडाराज’ पर उतर आई
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब में हुए निकाय चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित किया गया। पार्टी ने कहा कि भारत में इस समय दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई है- एक ओर संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने वाली विचारधारा है तो दूसरी ओर विपक्षी दलों द्वारा अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने पंजाब के 50 वार्डों में हुए नगर निकाय चुनावों को रद्द करने का महत्वपूर्ण फैसला दिया है। मई 2026 में हुए इन सिविक बॉडी चुनावों की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। चुनाव प्रक्रिया को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित किया था। इसके लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त किया गया।
भाजपा नेता ने कहा कि जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में जो तथ्य सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे, वे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।पटियाला नगर निगम के संबंध में आयोग ने पाया कि 13 वार्डों में चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई क्योंकि विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया। आरोप लगाया गया कि विपक्षी दलों या निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीने गए, उन्हें फाड़ा गया या नष्ट कर दिया गया। भाजपा ने कहा कि यह केवल चुनाव में हार-जीत का मामला नहीं बल्कि उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के अधिकार से ही वंचित करने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी स्वराज के नारे के साथ राजनीति में आई थी लेकिन पंजाब में सत्ता में आने के बाद उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का काम किया है। पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सामने आए तथ्य यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन तक दाखिल नहीं करने देना लोकतंत्र की रक्षा है या लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी